Ranchi: झारखंड में मतदाताओं की कुंडली को डिजिटल पते से जोड़ने वाली वोटर मैपिंग की डेडलाइन सिर पर है, लेकिन रफ्तार के मामले में राजधानी रांची का हाल बेहाल है. चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान से पहले चल रही इस मैपिंग में रांची जिला पूरे राज्य में सबसे पीछे छूट गया है.
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, रांची में अब तक महज 65.84 प्रतिशत ही मैपिंग हो सकी है. इस सुस्ती को देखते हुए जिला प्रशासन ने आनन-फानन में दो दिवसीय विशेष कैंप शुरू किया है, जहां पहले दिन केंद्रों पर परेशान मतदाताओं की भारी भीड़ उमड़ी.
क्या कहते हैं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, राज्य में 2003 की वोटर लिस्ट के आधार पर अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग हर हाल में 15 जून तक ही की जाएगी. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो वोटर मैप्ड हो जाएंगे, उन्हें आगामी एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं देने होंगे. राहत की बात बस इतनी है कि अनमैप्ड रहने पर भी आपका नाम वोटर लिस्ट से कटेगा नहीं, लेकिन मुसीबत जरूर बढ़ जाएगी.
ऐसे मतदाताओं को बाद में इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) द्वारा नोटिस भेजा जाएगा. इसके बाद वोटरों को अपनी जन्मतिथि के सत्यापन के लिए स्वयं के, माता-पिता के या फिर दादा-दादी से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे. इन दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 7 अक्टूबर को होगा.
कहां कितनी हुई मैपिंग
• ओवरऑल राज्य की स्थिति. पूरे झारखंड में अब तक कुल 78.60 प्रतिशत मैपिंग पूरी हो चुकी है.
• करीब 21 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग अब भी बाकी है.
• राज्य में बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र सबसे आगे है, जहां रिकॉर्ड 93.48 प्रतिशत मैपिंग हो चुकी है.
• मधुपुर में 91.42 प्रतिशत और सारठ में 91.28 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.


