Hazaribagh : शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में भीषण गर्मी के बीच मरीजों की हालत बेहद खराब बताई जा रही है. वार्डों में पंखे और एसी बंद पड़े हैं, लिफ्ट महीनों से खराब है और ऑक्सीजन प्लांट तक ठप होने की बात सामने आई है. मरीज और उनके परिजन उमस भरी गर्मी में परेशान हैं, जबकि अधिकारियों के कमरों में सुविधाएं सुचारु रूप से चल रही हैं. अस्पताल के कई वार्ड भट्ठी जैसे बन चुके हैं. प्रसूति वार्ड और बच्चों के वार्ड में भी गर्मी से मरीज बेहाल हैं. कई जगहों पर पंखों के ब्लेड टूटे हुए हैं और वायरिंग खराब है, जिसके कारण मरीजों को हाथ से पंखा झलकर रात काटनी पड़ रही है.

लिफ्ट बंद, ऑक्सीजन प्लांट खराब और सोलर सिस्टम जर्जर: करोड़ों खर्च के बावजूद अस्पताल की बदहाल व्यवस्था उजागर
नई बिल्डिंग की दोनों लिफ्ट लंबे समय से बंद हैं. इससे गंभीर मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को स्ट्रेचर के सहारे सीढ़ियां चढ़ानी पड़ रही हैं. मरीजों के परिजनों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं. सबसे गंभीर मामला ऑक्सीजन प्लांट का बताया जा रहा है. करीब 1000 एलपीएम क्षमता वाला प्लांट कई महीनों से खराब पड़ा है. ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है. वहीं बिजली संकट से राहत देने के लिए लगाए गए सोलर पैनल भी जर्जर स्थिति में हैं.
अस्पताल में लापरवाही पर बवाल: करोड़ों खर्च के बावजूद बदहाल व्यवस्था, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा. सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मरीजों की सुविधाओं की अनदेखी क्यों की जा रही है और करोड़ों के संसाधनों का हिसाब कौन देगा? यह मामला सिर्फ एक अस्पताल की बदहाली नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता को भी उजागर करता है. अब लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों पर कार्रवाई करे और मरीजों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.
