Koderma: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 5 जून 2025 को चंदवारा प्रखंड के एक चिन्हित हाई रिस्क विलेज में विशेष टीबी स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में क्षय रोग (टीबी) की शीघ्र पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित करना था.

100% स्क्रीनिंग और निःशुल्क एक्स-रे जांच
शिविर के दौरान गांव के सभी चिन्हित लोगों की 100 प्रतिशत टीबी स्क्रीनिंग की गई. साथ ही मोबाइल एक्स-रे यूनिट के माध्यम से निःशुल्क एक्स-रे जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई. जांच के दौरान ग्रामीणों को टीबी के लक्षणों, बचाव के उपायों तथा समय पर उपचार के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया.
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टीबी के प्रति किया गया जागरूक
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि टीबी एक संक्रामक रोग है, जिसकी समय रहते पहचान और उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. ग्रामीणों ने शिविर में बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की.
स्वास्थ्यकर्मियों की रही अहम भूमिका
कार्यक्रम के सफल संचालन में मोबाइल एक्स-रे टीम एवं स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. एक्स-रे तकनीशियन अशोक कुमार, सीएचओ नीतू रानी तथा एएनएम राधा कुमारी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों की जांच एवं जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय सहयोग दिया.
लक्षण दिखने पर जांच कराने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बुखार, वजन में कमी या अन्य टीबी संबंधी लक्षण दिखाई दें तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच अवश्य कराएं. इससे टीबी मुक्त समाज के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी.
