Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में धांधली और अभ्यर्थियों से अवैध वसूली के मामले में CID अनुसंधान के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच में सामने आया है कि अभ्यर्थियों से वसूले गए पैसों से आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते और तत्कालीन परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता के निजी खर्चों और हवाई यात्राओं का भुगतान किया गया था.

TDPL कंपनी के माध्यम से खर्च की जा रही थी घोटाले की रकम
मामले में आरोपी TDPL कंपनी के निदेशक रामबीर सिंह ने CID को दिए अपने बयान में स्वीकार किया है, कि JPSC के साथ सांठगांठ कर घोटाले की राशि से ही उनकी कंपनी का संचालन किया जा रहा था. टेंडर के अनुसार कंपनी को अपने कार्यों का भुगतान नहीं मिला था, इसलिए घोटाले से अर्जित राशि से ही कर्मचारियों का वेतन दिया जाता था और दफ्तर के साथ-साथ निजी जरूरतों का सामान खरीदा जाता था. रामबीर सिंह के अनुसार, तत्कालीन चेयरमैन और श्वेता गुप्ता की कई निजी यात्राओं तथा अन्य व्यक्तिगत खर्चों का वहन भी इसी कंपनी द्वारा किया जाता था.
श्वेता गुप्ता और परिजनों की हवाई यात्रा पर खर्च हुए 1.50 लाख रुपये
मामले से जुड़े उस्मान नामक व्यक्ति ने CID को बताया कि रामबीर सिंह के निर्देश पर उसने परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता और उनके परिजनों के लिए जनवरी 2026 से जून 2026 के बीच तीन बार रांची से दिल्ली और बेंगलुरु आने-जाने के एयर टिकट बुक कराए थे. टिकट ‘मेक माय ट्रिप’ (MakeMyTrip) के जरिए उस्मान की आईडी से बुक किए गए थे. इसका भुगतान उस्मान ने अपने क्रेडिट कार्ड से किया था, जिसमें कुल 1.50 लाख रुपये खर्च हुए थे. बाद में इस राशि का भुगतान रामबीर सिंह ने उस्मान को कर दिया था.
मास्टरमाइंड अभय तिवारी का कबूलनामा
केस के मुख्य मास्टरमाइंड अभय तिवारी ने पूछताछ में खुलासा किया कि अभ्यर्थियों से उगाही गए पैसों से ही रामबीर, उस्मान और सत्यपाल के एयर टिकट बुक किए जाते थे. अभय ने रामबीर के कहने पर उस्मान के खाते में ‘सैलरी’ के नाम पर अपने अकाउंट से दो लाख रुपये ट्रांसफर किए थे. बयानों के आधार पर सीआईडी ने श्वेता कुमारी गुप्ता से पूछताछ की. उन्होंने अपने बयान में सफाई देते हुए कहा कि टीडीपीएल के पास एक ‘प्रिवलेज कार्ड’ था, जिससे ऐन वक्त पर टिकट रद्द कराने पर अतिरिक्त चार्ज नहीं लगता था. इसी सुविधा का लाभ उठाने के लिए उन्होंने अपनी मां और पति के हवाई टिकट टीडीपीएल के माध्यम से बुक कराए थे और बाद में टिकट के पैसों का भुगतान कर दिया था.
फिलहाल सीआईडी इन बयानों और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है.
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