रांची: झारखंड की सियासत में हलचल तेज है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. उनके साथ उनकी पत्नी और गांडेय से विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद हैं. हेमंत सोरेन का यह दिल्ली दौरा राजनीतिक गलियारे में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा संबंध आगामी असम विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.

गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं
असम विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च (सोमवार) है. समय बहुत कम बचा है, लेकिन अब तक झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. सूत्रों कि मानें, तो हेमंत सोरेन दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक कर सीटों के बंटवारे और चुनावी रणनीति पर अंतिम मुहर लगा सकते हैं.
असम में भी आदिवासी समुदायों की अच्छी खासी आबादी
झारखंड के साथ-साथ असम में भी चाय बागान श्रमिकों और आदिवासी समुदायों की अच्छी खासी आबादी है, जिन्हें जेएमएम अपना मुख्य आधार मानती है. पिछले कुछ समय से कल्पना सोरेन भी पार्टी के प्रचार और संगठन विस्तार में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. यही कारण है कि इस दौरे में उनकी उपस्थिति को असम में पार्टी की पैठ मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
यह भी पढ़ें: बकरी पालन से बदली किस्मत, शायनारा बीबी बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

