रांची : झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायाधीश दीपक रोशन की खंडपीठ ने ATS डीएसपी नीरज कुमार और पतरातू थाना के दरोगा सोनू साव पर गोलीबारी करने के साजिशकर्ता जगेश्वर महतो उर्फ योगेश्वर महतो की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.
17 जुलाई 2023 को घटना को दिया गया था अंजाम
रामगढ़ जिले के पतरातू थाना क्षेत्र के टेरपा में अपराधियों के विरुद्ध रांची एटीएस और रामगढ़ पुलिस संयुक्त कार्रवाई कर रही थी इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी जिसमें एटीएस के डीएसपी नीरज कुमार को गोली लग गई जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गए वहीं रामगढ़ जिले के सब इंस्पेक्टर सोनू साव को भी पैर में गोली छूते हुए निकल गई थी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बाइक पर जा रहे अपराधियों में से पीछे बैठे अपराधी ने फायरिंग की थी.
प्रार्थी के पक्ष में वकील की दलील, मामले में अधिकतर को मिली बेल पर वहीं जब घटना घटी तो जगेश्वर जेल में था
अदालत के समक्ष जमानत की मांग पर NIA के पैरोकार में जमानत देने का कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि जगेश्वर महतो पर गंभीर अपराध से जुड़े 22 मामले दर्ज है वही एटीएस पर हमले की साजिश जेल से ही रची गई थी, इस पर बचाव पक्ष की अधिवक्ता ने कहा कि 22 मामलों में से 17 मामले पर प्रार्थी को सेवरल बेल मिल चुकी है, वही एटीएस पर गोलीबारी करने वाले अधिकतर लोगों को जमानत मिल चुकी है वैसे में इनके मुवक्किल को भी बेल मिलना चाहिए.
