झारखंड के सरकारी कार्यालयों के हजारों आउटसोर्स कर्मियों के लिए खुशखबरी, मुख्य सचिव के हस्तक्षेप से दूर हुआ वेतन संकट, सेवा विस्तार का आदेश जल्द

Ranchi: झारखंड के सरकारी महकमों में रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले हजारों आउटसोर्स कर्मियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. पिछले...

Ranchi: झारखंड के सरकारी महकमों में रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले हजारों आउटसोर्स कर्मियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. पिछले दो महीनों से वेतन के लिए तरस रहे कर्मियों के अच्छे दिन आने वाले हैं. राज्य सरकार ने तकनीकी अड़चनों को दरकिनार करते हुए कार्यरत एजेंसियों को सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया है, जिससे अब अप्रैल और मई महीने के बकाये वेतन के भुगतान का रास्ता साफ हो गया है.

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31 मार्च के बाद थम गया था सिस्टम

बता दें कि सचिवालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और विभिन्न सरकारी संस्थानों में जैप-आईटी द्वारा चयनित एजेंसियों के माध्यम से लगभग 3500 कर्मी कार्यरत हैं. इन एजेंसियों का अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गया था. तकनीकी रूप से कार्यकाल समाप्त होने के कारण एजेंसियों का बिल पास नहीं हो पा रहा था, जिसका सीधा असर कर्मियों के चूल्हे पर पड़ा. अप्रैल माह से ही ये कर्मी बिना वेतन के काम करने को मजबूर थे.

दो महीने का मिला एक्सटेंशन

कर्मियों की बढ़ती नाराजगी और कार्यालयों में कामकाज प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने ठोस कदम उठाया है. सूत्रों के अनुसार, जैप-आईटी के प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है. नई टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक या अगले दो महीनों तक (जो भी पहले हो), वर्तमान एजेंसियों को ही सेवा विस्तार दिया जाए.

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टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में

नई आउटसोर्सिंग एजेंसियों के चयन के लिए टेंडर की प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव पर है. चूंकि नई एजेंसियों के चयन और उनके साथ अनुबंध करने में कुछ समय लगना स्वाभाविक है, इसलिए बीच के इस गैप को भरने के लिए सेवा विस्तार का निर्णय लिया गया है.

अब जल्द होगा भुगतान

सरकार के इस आदेश के बाद अब जैप-आईटी जल्द ही संबंधित विभागों को आवंटन और भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश देगा. वेतन रुकने से परेशान कंप्यूटर ऑपरेटरों, चतुर्थ वर्गीय कर्मियों और अन्य टेक्निकल स्टाफ ने इस फैसले पर संतोष जताया है. प्रशासन के इस कदम से न केवल कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि सरकारी कामकाज में भी गति आएगी.

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