गुमला: गुमला के चैनपुर प्रखंड के बारवे उच्च विद्यालय मैदान में अनुमंडल स्तरीय “पुस्तक परव” का भव्य आयोजन किया गया, जहां शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता का अनोखा संगम देखने को मिला. इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी रही और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.
पारंपरिक स्वागत नृत्य से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक स्वागत नृत्य से हुई, जिसमें आंगनबाड़ी सेविकाओं और स्थानीय कलाकारों ने लोक संस्कृति की मनमोहक झलक प्रस्तुत की. पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर अतिथियों का स्वागत किया गया और जेएसएलपीएस टीम द्वारा पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में अनुमंडल पदाधिकारी पूर्णिमा कुमारी उपस्थित रहीं. साथ ही बीडीओ यादव बैठा, एसडीपीओ ललित मीणा, जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, उप प्रमुख प्रमोद खलखो, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षिका अंजलि वर्मा, चैनपुर की मुखिया शोभा देवी और कतींग पंचायत मुखिया मधुरा मिंज सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे.
लगाए गए विभिन्न विषयों की पुस्तकों के आकर्षक स्टॉल
पुस्तक परव में विभिन्न विषयों की पुस्तकों के आकर्षक स्टॉल लगाए गए, जिससे बच्चों और युवाओं में पढ़ने की रुचि बढ़ाने का प्रयास किया गया. इस दौरान “शिशु घर” स्टॉल के माध्यम से छोटे बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा और देखभाल से जुड़ी जानकारी दी गई. वहीं किताबों के स्टॉल में एकलव्य और भारत ज्ञान विज्ञान प्रकाशन जैसे संस्थानों की भागीदारी रही, जहां विविध विषयों की उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध कराई गई. मुख्यमंत्री सारथी योजना अंतर्गत “सक्षम झारखंड कौशल विकास योजना” के स्टॉल में प्रशिक्षित बालिकाओं द्वारा बनाए गए वस्त्र, आभूषण और अन्य उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जो आत्मनिर्भरता का संदेश दे रहा था.
बाल विकास परियोजना के तहत “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया, जिसमें छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की जानकारी दी गई. झारखंडी पारंपरिक व्यंजनों और हरी सब्जियों की प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही.
किसानों को आधुनिक खेती और योजनाओं की दी गई जानकारी
प्रखंड संसाधन केंद्र द्वारा मॉडल के माध्यम से विद्यालयों में पुस्तकालय को रोचक बनाने के उपाय बताए गए. वहीं कृषि विभाग ने किसानों को आधुनिक खेती और योजनाओं की जानकारी दी. स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में लोगों ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया. राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला.
कार्यक्रम में महान शिक्षाविद सावित्रीबाई फुले के जीवन पर आधारित नाट्य मंचन “हां, मैं सावित्रीबाई फुले” प्रस्तुत किया गया. इसमें उनके संघर्ष, महिला शिक्षा के प्रति समर्पण और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ उनके आंदोलन को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया. साथ ही ज्योतिराव फुले के योगदान को भी सामने रखा गया.
कुल मिलाकर “पुस्तक परव” शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का संगम बनकर उभरा, जिसने बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया. यह आयोजन अनुमंडल प्रशासन, जिला परिषद सदस्य और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.
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