Saraikela: जिले में स्थित मंडल कारा का संयुक्त निरीक्षण माननीय झारखंड उच्च न्यायालय, रांची द्वारा दिनांक 11 मार्च 2026 को क्रिमिनल अपील (डीबी) संख्या 372/23 में पारित आदेश के अनुपालन में किया गया. इस निरीक्षण का उद्देश्य जेल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का आकलन करना और कैदियों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा करना था.
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और सिविल सर्जन की टीम ने किया निरीक्षण
यह निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), सरायकेला-खरसावां के सचिव एवं सिविल सर्जन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया. निरीक्षण के दौरान मंडल कारा अधीक्षक एवं जेलर भी मौजूद रहे. टीम ने ओपीडी सह औषधालय और जेल अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया.
दवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता की जांच
निरीक्षण के दौरान दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के संबंध में संबंधित स्टाफ से जानकारी ली गई. साथ ही जेल के विभिन्न वार्डों का दौरा कर कैदियों से उनकी स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सा सेवाओं को लेकर बातचीत की गई. कुछ कैदियों ने डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति और सेवाओं को लेकर असंतोष भी व्यक्त किया.
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कुछ आवश्यक उपकरणों की कमी सामने आई
निरीक्षण में यह पाया गया कि जेल में दवाओं की उपलब्धता तो है, लेकिन कुछ आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की कमी बनी हुई है. इस पर सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया कि आवश्यक उपकरण शीघ्र उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके.
अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती का आश्वासन
निरीक्षण के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि डॉक्टरों की सहायता के लिए एएनएम (ANM) और मल्टी पर्पस वर्कर की जल्द तैनाती की जाएगी. इससे जेल में स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यक्षमता बढ़ने और कैदियों को बेहतर उपचार सुविधा मिलने की उम्मीद जताई गई है.
अभिलेखों के बेहतर रखरखाव के दिए गए निर्देश
निरीक्षण दल द्वारा दवाओं के स्टॉक रजिस्टर सहित सभी अभिलेखों के समुचित संधारण के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए. अधिकारियों ने पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने पर जोर दिया.
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह संयुक्त निरीक्षण जेल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और कैदियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए इन कदमों से व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.
