रांची: प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आज तीन बड़ी घटनाएं सामने आई हैं. रामगढ़ में फैक्ट्री हादसे के बाद 16 घंटे तक चला ग्रामीणों का आंदोलन 21 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा के बाद समाप्त हुआ। वहीं, धनबाद में कोयला चोरों के द्वारा स्पेशल ब्रांच के एएसआई के साथ मारपीट करने के मामले में 40 लोगों के ऊपर मामला दर्ज हुआ, जबकि जमशेदपुर में फुटबॉल लेने गए बच्चों को चोर समझकर पीटने का मामला गरमा गया है.
रामगढ़: झारखंड इस्पात फैक्ट्री विस्फोट मामले में 21-21 लाख मुआवजे पर बनी सहमति:
रामगढ़ के हेसला स्थित झारखंड इस्पात फैक्ट्री में सोमवार हुए भीषण विस्फोट के बाद पैदा हुआ तनाव अब शांत हो गया है.सोमवार सुबह 6 बजे से शुरू हुआ ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन रात 10 बजे त्रिपक्षीय वार्ता के बाद समाप्त हुआ. इस विस्फोट में एक मजदूरों की मौत हो गई और सात अन्य झुलस गए. घायलों में से दो की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा है फैक्ट्री प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता में तय हुआ कि,मृतकों के परिजनों को 21 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. घायलों के इलाज का पूरा खर्च प्रबंधन उठाएगा. यदि कोई मजदूर हादसे में दिव्यांग होता है, तो उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी. प्रबंधन ने इन सभी शर्तों पर लिखित आश्वासन दिया है.
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धनबाद: कोयला चोरों द्वारा स्पेशल ब्रांच के ASI और उनकी पत्नी के साथ मारपीट मामले में मामला दर्ज:
धनबाद के केंदुआ-झरिया मुख्य मार्ग पर कोयला चोरों के हौसले बुलंद नजर आए। कुमार मंगल स्टेडियम के पास स्पेशल ब्रांच एएसआई अनुज कुमार और उनकी पत्नी काजल कुमारी पर कोयला चोरों ने हमला कर दिया था. रविवार को दारोगा अपनी पत्नी के साथ स्कूटी से झरिया जा रहे थे. इसी दौरान हाइवा से कोयला उतार रहे चोरों ने उनके साथ मारपीट की. इस मामले में सात नामजद और 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. केंदुआडीह पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
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जमशेदपुर: कब्रिस्तान में गेंद लेने गए नाबालिगों को बनाया बंधक, एक का हाथ टूटा:
जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में एक संवेदनहीन मामला सामने आया है. धातकीडीह हरिजन बस्ती में फुटबॉल खेलने के दौरान गेंद कब्रिस्तान में गिर गई, जिसे लाने गए दो नाबालिगों को चोर समझकर पीटा गया. टेंट हाउस संचालक के बेटों ने 13 वर्षीय कुणाल सिंह और रणवीर मुखी को बंधक बनाकर तीन घंटे तक पीटा. इस हमले में कुणाल का दाहिना हाथ टूट गया है. बस्ती के लोगों ने जब कब्रिस्तान का ताला तोड़कर बच्चों को छुड़ाया, तो दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया. फिलहाल बिष्टुपुर और सिदगोड़ा थाने की पुलिस तैनात है और लिखित शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही है.
