लोहरदगा: लोहरदगा के इंटर महाविद्यालय में आयोजित वार्षिक आचार्य कार्यशाला का समापन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ. कार्यशाला के तीसरे दिन विभिन्न सत्रों के माध्यम से शिक्षण, संस्कार और संस्थागत विकास से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई. पहले सत्र में नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन और छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धति पर विचार-विमर्श हुआ. वहीं दूसरे सत्र में संस्कृति ज्ञान परीक्षा, संस्कार केंद्रों के संचालन और अध्यापन कौशल के विकास जैसे विषयों पर चर्चा की गई, जिससे शिक्षकों को नई दिशा और प्रेरणा मिली.
समापन समारोह में शिक्षकों का सम्मान
समापन सत्र में महाविद्यालय अध्यक्ष शशिधर लाल अग्रवाल, उपाध्यक्ष विनोद राय, सचिव अजय प्रसाद और प्राचार्य बिपिन कुमार दास ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जबकि आचार्या आरती भगत को विशेष पुरस्कार दिया गया. अपने संबोधन में अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें संस्कारों का समावेश भी जरूरी है. कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका “मनोहर अभिव्यक्ति” का विमोचन किया गया और सभी की उपस्थिति में कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई.
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