गिरिडीह: उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों/कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
बैठक में कार्यों की विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान उपायुक्त ने CSR के तहत अब तक किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों और इंडस्ट्रियल प्रतिनिधियों से योजनाओं की प्रगति, क्रियान्वयन की स्थिति तथा उनके प्रभाव की जानकारी ली. समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि CSR के माध्यम से जिले के शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पोषण, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में ठोस और प्रभावी बदलाव लाया जा सकता है.

योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर किया जाए लागू
उपायुक्त यादव ने सभी औद्योगिक इकाइयों से अपील करते हुए कहा, कि वे जिले के समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जरूरतमंद क्षेत्रों की पहचान कर वहां योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करें. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि CSR के तहत किए जाने वाले सभी कार्य पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ संपन्न हों, ताकि इसका सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचे.
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे इंडस्ट्रियल इकाइयों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें तथा समय-समय पर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करें. साथ ही CSR गतिविधियों को जिला प्रशासन की प्राथमिक योजनाओं जैसे शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों का सशक्तिकरण, विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं ग्रामीण विकास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया.
CSR फंड का उपयोग वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किया जाए
उपायुक्त ने इंडस्ट्रियल प्रतिनिधियों को यह भी सुझाव दिया कि वे अपने CSR फंड का उपयोग समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए करें. उन्होंने स्कूलों में स्मार्ट क्लास की स्थापना, अस्पतालों में आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, दिव्यांगजनों को सहायक सामग्री वितरण, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, पौधारोपण अभियान तथा कौशल विकास केंद्रों की स्थापना जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया.
अधिकारियों को प्रस्तावों की सूची तैयार करने का निर्देश
इसके अलावा, उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को CSR से जुड़े प्रस्तावों की सूची तैयार कर इंडस्ट्रियल इकाइयों के साथ साझा करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके. उन्होंने कहा कि प्रशासन और औद्योगिक इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल से जिले के विकास को नई गति मिल सकती है. अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों एवं औद्योगिक प्रतिनिधियों से समाजहित में समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की और कहा कि CSR के माध्यम से गिरिडीह जिले के विकास को नई दिशा देने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा. बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
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