रांची: जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए रांची जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में 70 फील्ड ट्रेनर्स का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया।
समाहरणालय बी ब्लॉक स्थित कक्ष संख्या 505 में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत, अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह, डीएसओ शेषनाथ बैठा, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा रविशंकर मिश्रा सहित कई पदाधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर्स उपस्थित रहे।

दो बैचों में दिया जा रहा प्रशिक्षण
रांची जिले के 70 फील्ड ट्रेनर्स को 35-35 के दो बैचों में विभाजित कर तीन-तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में डिजिटल माध्यमों–CMMS पोर्टल एवं हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन मोबाइल ऐप–का उपयोग कर जानकारी दी जा रही है।
पहले बैच का प्रशिक्षण 9 से 11 अप्रैल तक आयोजित हो रहा है, जिसमें नगड़ी, मांडर, राहे, सोनाहातु, कांके, बुण्डू, बेड़ों, तमाड़, बुढमू और लपुंग प्रखंड के ट्रेनर्स शामिल हैं। वहीं दूसरे बैच का प्रशिक्षण 13, 15 और 16 अप्रैल को होगा, जिसमें चान्हो, सिल्ली, रातु, खलारी, ओरमांझी, नामकुम, इटकी, अनगड़ा सहित नगर पंचायत बुण्डू के प्रतिभागी शामिल होंगे। दोनों बैचों के पहले दिन संबंधित चार्ज पदाधिकारी भी प्रशिक्षण में भाग लेंगे।
डिजिटल तरीके से होगा डेटा संग्रहण
प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनर्स को मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, डिजिटल डेटा संग्रहण, CMMS पोर्टल और मोबाइल ऐप के उपयोग से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे प्रगणकों (Enumerators) और सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे जनगणना का कार्य पूरी तरह डिजिटल, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
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विकास योजनाओं का बनेगा आधार
उपायुक्त भजंत्री ने कहा कि जनगणना 2027 भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी प्रक्रिया है, जो देश की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराएगी। उन्होंने सभी फील्ड ट्रेनर्स से प्रशिक्षण के दौरान सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और अपने-अपने क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने की अपील की।
जनगणना 2027 के इस प्रथम चरण से प्राप्त आंकड़े भविष्य की योजनाओं और नीति निर्धारण में अहम भूमिका निभाएंगे।
