पाकुड़: झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले में मनरेगा कर्मियों की हड़ताल पिछले 29 दिनों से जारी है. अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मियों ने अब संघर्ष को और तेज करने का निर्णय लिया है. इसी क्रम में 16 एवं 17 अप्रैल को ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह के आवास का घेराव करने का ऐलान किया गया है. जिसमें पाकुड़ जिले के अधिक से अधिक हड़ताली कर्मी भाग लेंगे.
आंदोलन को और तेज करने का ऐलान
संघ के जिला अध्यक्ष अजीत टुडू ने बताया कि मांगों के समर्थन में जिले के सभी मनरेगा कर्मी रांची पहुंचकर आंदोलन को मजबूत करेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण कर्मियों में आक्रोश है. कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा.
आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मी
जिले में हड़ताल पर बैठे सभी मनरेगा कर्मियों को पिछले एक वर्ष से अधिक समय से मानदेय नहीं मिला है. लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण इन कर्मियों के समक्ष आर्थिक संकट गहरा गया है और कई परिवारों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है. कर्मियों का कहना है कि नियमित आय नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है.
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विकास कार्यों पर पड़ा असर
वहीं दूसरी ओर, कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना पर पड़ रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्य ठप हो गए हैं. इसके अलावा पंचायत स्तर पर होने वाले अन्य प्रशासनिक और विकास कार्य भी पीछे छूटते जा रहे हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
