Giridih: जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है. जामताड़ा के साइबर थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी पर गिरिडीह के करीब आठ लोगों से 39 लाख 60 हजार 500 रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है. इस मामले में बेंगाबाद थाना में सिपाही के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. ठगी के आरोपी सिपाही की पहचान गौतम कुमार के रूप में हुई है. वह मूल रूप से देवघर जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र के गड़िया गांव का निवासी है और वर्तमान में जामताड़ा जिले के साइबर थाना में आरक्षी के पद पर कार्यरत है.
कैसे बनाया ठगी का शिकार?
प्राथमिकी के अनुसार, ठगी का शिकार हुए मुख्य शिकायतकर्ता महाराज यादव (चपुआडीह पंचायत निवासी) ने बताया कि सिपाही गौतम के साथ उनके पुराने और घनिष्ठ संबंध थे. इसी दोस्ती का फायदा उठाते हुए गौतम ने उन्हें लालच दिया कि वह विभिन्न थानों में जब्त किए गए चार पहिया वाहनों को सरकारी नीलामी के जरिए बहुत कम कीमतों पर दिलवा देगा. सिपाही ने अपनी वर्दी और पद का रौब दिखाकर पीड़ितों का भरोसा जीता. आरोपी ने पीड़ितों को विभिन्न थानों में खड़ी जब्त गाड़ियां खुद जाकर दिखाईं ताकि उन्हें यकीन हो सके. नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने के नाम पर उसने अग्रिम राशि के तौर पर मोटी रकम वसूली.
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एक साल तक देता रहा झांसा
शिकायतकर्ता महाराज यादव का कहना है कि पैसे लेने के बाद जब भी वाहनों की डिलीवरी की बात होती, गौतम कोई न कोई बहाना बना देता. वह अक्सर कहता कि नीलामी की प्रक्रिया फिलहाल टल गई है. इसी तरह टालमटोल करते हुए एक साल बीत गया. जब पीड़ितों को न गाड़ी मिली और न ही पैसे वापस हुए, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ. पुलिस के अनुसार, सिपाही ने केवल महाराज यादव ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है. कुल 8 लोगों से करीब 40 लाख रुपये की वसूली की गई है.
