Simdega: हजारीबाग और बोकारो में पुलिसकर्मियों द्वारा कोषागार से करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी के बड़े खुलासे के बाद सिमडेगा जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. संभावित अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से प्रशासन ने कोषागार में हुए सभी वित्तीय लेनदेन की गहन जांच शुरू कर दी है. इस कार्रवाई को जिले में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
डीसी के निर्देश पर गठित टीम कर रही गहन जांच
उपायुक्त कंचन सिंह के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम द्वारा कोषागार सिमडेगा के वर्तमान के साथ-साथ पूर्व में हुए सभी भुगतान की बारीकी से जांच की जा रही है. टीम एक एक बिल, विपत्र और निकासी से संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर सत्यापन कर रही है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को समय रहते पकड़ा जा सके. जांच प्रक्रिया को तेज गति से पूरा करने का निर्देश दिया गया है.

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जल्द होगी अहम बैठक, सख्त निर्देश की तैयारी
सूत्रों के अनुसार आगामी दो से तीन दिनों के भीतर सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों की एक अहम बैठक आयोजित की जा सकती है, जिसमें वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे. इस बैठक में सभी विभागों को सतर्क रहने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा जाएगा.

राज्यस्तरीय आदेश के बाद बढ़ी सख्ती
उल्लेखनीय है कि झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने राज्य के सभी जिलों में कोषागार की जांच के आदेश जारी किए हैं. इसी के आलोक में सिमडेगा में भी यह व्यापक जांच अभियान शुरू किया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके.
