Latehar: बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत मुरपा से चंदली तक बनने वाली सड़क, जो प्रधान मंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत स्वीकृत है, वर्तमान में अधूरी पड़ी हुई है. लगभग 6.680 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2018 में शुरू हुआ था. इसकी अनुमानित लागत ₹233.27 लाख निर्धारित की गई थी. उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार इस सड़क का कार्य 05 दिसंबर 2018 को प्रारंभ हुआ. 02 जुलाई 2019 को इसे पूरा होना था. योजना के अंतर्गत 5 वर्षों तक सामान्य अनुरक्षण (मेंटेनेंस) की भी व्यवस्था की गई थी. इस परियोजना के ठेकेदार संतोष यादव (पैकेज संख्या: JH-14AEG-01) हैं. कार्य का निष्पादन विशेष प्रमंडल, लातेहार द्वारा एवं कार्य एजेंसी ग्रामीण विकास विभाग (REO) के माध्यम से किया गया है. यह परियोजना ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है.
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मात्र 2 किमी सड़क का ही हुआ कालीकरण
हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि पूरी 6.680 किलोमीटर सड़क के स्थान पर मात्र लगभग 2 किलोमीटर तक ही कालीकरण (ब्लैकटॉप) किया गया है, जबकि शेष सड़क आज भी अधूरी और बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है. इससे क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है. इस संबंध में मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन के प्रखंड प्रशासनिक सचिव सतिश कुमार ने कहा कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क अधूरी रहना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है. यह ग्रामीणों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.
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बरसात के दिनों में सड़क की स्थिति और भी बदतर
वहीं ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है. स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों एवं आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. प्रखंड प्रशासनिक सचिव सतीश कुमार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की शीघ्र जांच कराते हुए अधूरी सड़क निर्माण कार्य को पुनः प्रारंभ कराया जाए तथा जल्द से जल्द इसे पूरा किया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
