सरायकेला: समाहरणालय सभाकक्ष, सरायकेला में उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEEO), प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO), प्रखंड संसाधन व्यक्ति (BRP), संकुल संसाधन व्यक्ति (CRP) सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.
शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में विगत निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि राज्य स्तर पर जिले के प्रदर्शन में सुधार हेतु सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है. साथ ही विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने तथा शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया.
ई-विद्यावाहिनी पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी शिक्षकों की शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे शिक्षक जो बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं, उनके वेतन निकासी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाएगी. साथ ही शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग जिला स्तर से सुनिश्चित की जाएगी.
जर्जर भवनों की सूची तैयार करने का निर्देश
विद्यालयों की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने हेतु उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे विद्यालय भवन जो जर्जर हो चुके हैं अथवा जिनकी स्थिति के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है, उन्हें तत्काल प्रभाव से निकटवर्ती सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित कर पठन-पाठन कार्य संचालित किया जाए. साथ ही ऐसे जर्जर भवनों की सूची तैयार कर जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक आकलन (एस्टिमेट) तैयार कर यथोचित कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जा सके. इसके अतिरिक्त पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था को कार्यशील बनाए रखने तथा स्वच्छता एवं खेल सामग्री बच्चों तक उपलब्ध कराने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में सुधार हेतु विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में सुधार हेतु विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई. उन्होंने बताया कि शिक्षण पद्धति को अधिक प्रभावी बनाने, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को बढ़ाने तथा विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं.
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन प्रखंडों में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम है, वहां संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उपस्थिति में सुधार लाया जाए. साथ ही सभी पदाधिकारियों को विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा करने एवं विद्यार्थियों को अध्ययन के प्रति प्रेरित करने के निर्देश दिए गए. इस अवसर पर Room to Read सहित अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं श्री आशीष कुमार भी उपस्थित रहे, जिन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु अपने सुझाव साझा किए.
अंत में उपायुक्त ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति एवं आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी स्तरों पर समन्वय स्थापित कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए.
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