SARAIKELA: सहायक अध्यापकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है.जिला कमेटी की अहम बैठक में निर्णय लिया गया कि 18 अप्रैल से रांची में मुख्यमंत्री आवास के समक्ष आमरण अनशन किया जाएगा. बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि प्रस्तावित अनशन को हर हाल में सफल बनाया जाएगा.
जिला अध्यक्ष का बयान
जिला अध्यक्ष विजय लेंका ने कहा कि अगर ‘आकलन परीक्षा’ को ‘TET’ के समकक्ष मान लिया जाता है तो सभी सहायक अध्यापकों को TET की अनिवार्यता से मुक्ति मिल जाएगी. उन्होंने सभी शिक्षकों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया.
जिला सचिव का बयान
जिला सचिव पुस्तम हज़ाम ने कहा कि पिछले आंदोलनों के दम पर ही आज मानदेय 20,000 रुपये तक पहुंचा है और ईपीएफ का लाभ मिलना शुरू हुआ है. उन्होंने जोर दिया कि बाकी मांगों को मनवाने के लिए एकजुटता ही एकमात्र रास्ता है.
महासचिव की रूपरेखा
जिला महासचिव साकेत शेखर ने भी चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा रखी और सरकार से जल्द वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की.
मुख्य मांगें और तैयारी
पारा शिक्षकों की मुख्य मांगों में ‘आकलन परीक्षा’ को TET के समकक्ष मानना, वेतनमान, स्थायीकरण और सेवा शर्तों में सुधार शामिल हैं. जिले भर के सहायक अध्यापक 18 अप्रैल से रांची कूच की तैयारी में जुट गए हैं.
