रांची: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला अंतर्गत सिंघीतराई गांव स्थित वेदांता कंपनी के पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए बॉयलर विस्फोट में 17 श्रमिकाें की मौत हो गयी थी. इनमें झारखंड के तीन युवक भी शामिल हैं. इस हादसे ने बेरमो, सिंदरी और पलामू के तीन परिवारों की खुशियां छीन ली है. धमाका एक स्टील ट्यूब में हुआ, जो बॉयलर से टरबाइन तक तेज दबाव वाली भाप ले जा रही थी. इस धमाके से कई मजदूर बुरी तरह झुलस गये.
बेरमो के 26 वर्षीय अब्दुल करीम की मौके पर ही मौत
इस हृदयविदारक घटना में बेरमो के गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुरपनिया मिल्लत नगर निवासी 26 वर्षीय अब्दुल करीम की मौके पर ही मौत हो गयी. वह हैदर अंसारी के छोटे पुत्र थे और परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी. अब्दुल करीम की शादी बीते 23 मार्च को धनबाद के छाताबाद कतरासगढ़ में हुई थी. 25 मार्च को उनका रिसेप्शन हुआ था. शादी के कुछ ही दिनों बाद वह काम पर लौटे थे. घटना की सूचना मिलते ही मृतक के मामा अकबर अली छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गये और रायपुर स्थित अस्पताल पहुंचे. वहां शव का पोस्टमार्टम कराया गया. शव एंबुलेंस से कुरपनिया लाया जायेगा.
वहीं, इस हादसे में सिंदरी के रोहड़ाबांध निवासी 43 वर्षीय तरुण कुमार ओझा की भी मौत हो गयी. वह सिंदरी खाद कारखाने के सेवानिवृत्त कर्मचारी स्व. काशीनाथ ओझा के ज्येष्ठ पुत्र थे और अविवाहित थे. उनका परिवार रोहड़ाबांध स्थित आवास में रहता है, जबकि वे मूलतः बिहार के आरा जिले के बिहिया गांव के निवासी थे. बताया जाता है कि तरुण ओझा के छोटे भाई कृष्णा ओझा को इस हादसे की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली. वह परिजनों को बिना सूचना दिये छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गये हैं. वहीं पलामू के अशोक परहिया की भी हादसे में जान चली गयी.
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