हर दिन रोटी-चावल, फिर भी बढ़ रहा वजन? नई स्टडी ने उठाए चौंकाने वाले सवाल

  Lifestyle Desk: अक्सर यह माना जाता है कि वजन बढ़ने की असली वजह ज्यादा कैलोरी लेना ही होती है, लेकिन एक...

 

Lifestyle Desk: अक्सर यह माना जाता है कि वजन बढ़ने की असली वजह ज्यादा कैलोरी लेना ही होती है, लेकिन एक हालिया शोध इस सोच को पूरी तरह बदलने का संकेत देता है. जापान की ओसाका मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर शिगेनोबू मात्सुमुरा की अगुवाई में किए गए अध्ययन में पाया गया कि रोटी, चावल और नूडल्स जैसे कार्बोहाइड्रेट सिर्फ भूख शांत करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये शरीर के मेटाबॉलिज्म पर गहरा असर डाल सकते हैं.

चूहों पर किया गया परीक्षण क्या कहता है?

रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने चूहों के फूड पैटर्न को ध्यान से परखा. जब उनके रोज़ाना मिलने वाले आहार के साथ गेहूं, रोटी और चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट वाले विकल्प रखे गए, तो उन्होंने सामान्य भोजन को नजरअंदाज कर इन विकल्पों की ओर ज्यादा रुझान दिखाया.

यह निष्कर्ष इशारा करता है कि कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाद्य पदार्थों की ओर लोगों (और जीवों) का रुझान स्वाभाविक रूप से अधिक होता है, जो उनकी खाने की आदतों और चुनाव को प्रभावित कर सकता है.

बिना ज्यादा कैलोरी के भी बढ़ सकता है वजन?

इस शोध की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चूहों ने अतिरिक्त कैलोरी नहीं ली, फिर भी उनके वजन और शरीर में फैट बढ़ता नजर आया. वजह ओवरईटिंग नहीं थी, बल्कि इन कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों के कारण उनके शरीर का एनर्जी खर्च कम हो गया, जिससे फैट जमा होने लगा.

आसान भाषा में समझें तो शरीर ने कैलोरी को जलाने के बजाय उसे जमा करना शुरू कर दिया, जो धीरे-धीरे फैट में बदल गई. इससे साफ होता है कि वजन बढ़ना सिर्फ खाने की मात्रा पर नहीं, बल्कि इस पर भी निर्भर करता है कि शरीर खाने से मिली ऊर्जा को कैसे इस्तेमाल करता है और कितना खर्च करता है.

असली सवाल खाने में है या हमारी पसंद में?

दुनिया भर में रोटी, चावल और नूडल्स जैसे खाद्य पदार्थ रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा हैं. लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि क्या इन्हें खाने से वजन बढ़ता है या फिर कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को सीमित करना जरूरी है. इसी सवाल को समझने के लिए शोधकर्ताओं ने यह जानने की कोशिश की कि समस्या इन खाद्य पदार्थों में है या फिर इनके सेवन के तरीके और चुनाव में.

अध्ययन के मुताबिक, कार्बोहाइड्रेट शरीर के मेटाबॉलिज्म पर असर डाल सकते हैं. जब हम ऐसे भोजन का अधिक चुनाव करते हैं, तो शरीर की ऊर्जा खर्च करने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है.

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यह जानकारी उन लोगों के लिए खास है जो अपनी डाइट को संतुलित रखना चाहते हैं. अगली बार जब आप थाली में रोटी या चावल शामिल करें, तो यह सिर्फ कैलोरी की बात नहीं, बल्कि शरीर के मेटाबॉलिज्म और उसकी कार्यप्रणाली से जुड़ा एक अहम पहलू भी हो सकता है.

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