रांची: झारखंड की सियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने भाजपा पर करारा हमला बोलते हुए कहा, कि जेपीएससी घोटाले में शामिल लोगों को शरण देने वाली भाजपा को नैतिकता का पाठ पढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड गठन के बाद भाजपा के शासनकाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े लोगों को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में अध्यक्ष और सदस्य बनाकर बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया. उन्होंने कहा कि उस दौर के फैसलों का खामियाजा आज भी झारखंड के युवाओं को भुगतना पड़ रहा है.
राज्य सरकार पारदर्शी और विवाद रहित परीक्षा कराने को लेकर गंभीर
उत्पाद सिपाही भर्ती मामले का जिक्र करते हुए सोनाल शांति ने कहा, कि परीक्षा से पहले ही सैकड़ों अभ्यर्थियों और गिरोह के सरगना की गिरफ्तारी यह साबित करती है, कि राज्य सरकार पारदर्शी और विवाद रहित परीक्षा कराने को लेकर गंभीर है. उन्होंने भाजपा नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि आरोप लगाने से पहले उन्हें केंद्र सरकार से जवाब मांगना चाहिए, कि नीट और जेईई पेपर लीक मामलों में कितनी ठोस कार्रवाई हुई, जिससे 50 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए.
सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बड़ी संख्या में हुई गिरफ्तारी से यह साफ है, कि सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है. राज्य की एजेंसियां मामले की गहराई तक जांच करने में पूरी तरह सक्षम हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है और किसी भी तरह भर्ती परीक्षाओं को रद्द कराने की साजिश में लगी है, ताकि युवाओं को रोजगार न मिल सके. उन्होंने दावा किया कि पहले भी भाजपा ने पीआईएल के जरिए परीक्षाओं को बाधित करने की कोशिश की, लेकिन सरकार की मजबूत नीति के कारण उनकी मंशा हर बार नाकाम रही.
यह भी पढ़ें: 14 माह की लाडली वामिका के लिए मसीहा बनी सरकार: ईलाज के लिए मिला 15 करोड़
