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नारी शक्ति वंदन पर छिड़ा सियासी संग्राम: सोनोवाल बोले- कांग्रेस के लिए सिर्फ इंदिरा, सोनिया और प्रियंका ही महिला

रांची: भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेस में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने इंडी...

BJP Sonowal
प्रेस कांफ्रेस में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और जमुई विधायक श्रेयसी सिंह

रांची: भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेस में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने इंडी गठबंधन पर जमकर निशाना साधा. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा नेताओं ने विपक्ष की मानसिकता को महिला विरोधी करार दिया. कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को उनके राजनीतिक पाप की सजा देश की आधी आबादी जरूर देगी.

कांग्रेस की नजर में देश की करोड़ों महिलाओं के लिए कोई सम्मान नहीं

सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, कि कांग्रेस के लिए महिला सम्मान का दायरा बेहद सीमित है. कांग्रेस की नजर में सिर्फ इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ही महिलाएं हैं. देश की करोड़ों साधारण और कर्मठ महिलाओं के लिए उनके मन में न कोई स्थान है और न ही सम्मान. सोनोवाल ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए कहा कि एक गरीब परिवार से निकलकर प्रधानमंत्री ने सेवक के रूप में हर वर्ग की महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का काम किया है. उन्होंने झारखंड की वर्तमान सरकार को भी आड़े हाथों लिया. राज्य में बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं पर चिंता जताते हुए इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया.

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विपक्ष की नजर में बिल नहीं, अपना भविष्य गिरा: श्रेयसी सिंह

बिहार की पूर्व मंत्री और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज श्रेयसी सिंह ने विपक्ष के दोहरे चरित्र को उजागर किया. उन्होंने कहा कि विशेष सत्र के दौरान जब महिला आरक्षण को संवैधानिक रूप देने की बात आई, तो विपक्ष ने वोटिंग से इनकार कर कुतर्क का सहारा लिया. श्रेयसी ने कहा कि विपक्ष आधी आबादी को सिर्फ नारों तक सीमित रखना चाहता है, सदन में उनकी भागीदारी उन्हें हजम नहीं हो रही.

परिसीमन की जरूरत

बढ़ती आबादी का हवाला देते हुए श्रेयसी सिंह ने कहा कि आज एक सांसद 26 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहा है, ऐसे में परिसीमन और महिला आरक्षण समय की मांग है. उन्होंने राज्य की मईयां योजना को जुमलेबाजी बताते हुए कहा कि घर बैठे पैसे देना आसान है, लेकिन महिलाओं को वास्तविक राजनीतिक शक्ति देने में विपक्षी दल पीछे हट जाते हैं.

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