गिरिडीह: नगर निगम चुनाव के दौरान गिरिडीह के वार्ड नंबर 16 में मतदान समाप्ति के बाद हुई हिंसक झड़प और गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है. इस गंभीर मामले को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। घटना की त्वरित और निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है, जबकि कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में नगर थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है.

एसआईटी का गठन और आरोपियों की तलाश:
पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी मुख्यालय नीरज कुमार सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है. इस टीम में एसडीपीओ सदर जीतवाहन उरांव और डीएसपी कौशर अली को शामिल किया गया है. एसआईटी ने न केवल गोलीबारी की जांच शुरू कर दी है, बल्कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाकर संभावित ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है.
आईजी का दौरा और थाना प्रभारी पर गाज:
घटना की सूचना मिलते ही आईजी सुनील भास्कर खुद गिरिडीह पहुंचे.उन्होंने देर रात डीसी रामनिवास यादव और एसपी डॉ. बिमल कुमार के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद नगर थाना प्रभारी ज्ञान रंजन को पद से हटा दिया गया है।उनके स्थान पर रतन कुमार सिंह को नगर थाना की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है.
कैसे शुरू हुआ विवाद?:
घटना की शुरुआत सोमवार सुबह मतदान के पहले घंटे में ही हो गई थी. वार्ड नंबर 18 में मतदान के दौरान मामूली विवाद हुआ, जिसे पुलिस ने उस वक्त शांत करा दिया था.
मतदान खत्म होने के बाद शाम को यह विवाद फिर से भड़क उठा और हिंसक रूप ले लिया. इस हिंसक झड़प के दौरान हुई गोलीबारी में दो लोग घायल हो गए, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई.
आक्रोश और सड़क जाम
गोलीबारी की घटना से नाराज स्थानीय लोग राजू खान के नेतृत्व में सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.प्रदर्शनकारियों ने शिवम और उसके समर्थकों पर घटना का मुख्य आरोप लगाया है. देर रात तक चले सड़क जाम को अधिकारियों के आश्वासन और कार्रवाई के भरोसे के बाद हटाया गया. फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.

