चांडिल: NH-18 पर पिटकी रेलवे ओवरब्रिज 4 साल बाद भी अधूरा, 708 करोड़ की परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोप; उच्च स्तरीय जांच की मांग

Seraikela: राष्ट्रीय राजमार्ग-18 पर पिटकी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य भारी देरी, भ्रष्टाचार और अनियमितता के गंभीर आरोपों के घेरे में आ...

Seraikela: राष्ट्रीय राजमार्ग-18 पर पिटकी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य भारी देरी, भ्रष्टाचार और अनियमितता के गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है. वर्ष 2019 में शुरू हुई इस परियोजना को 2022 तक पूर्ण होना था, लेकिन 2026 तक भी यह अधूरी पड़ी है. इससे चांडिल-घोरानेगी क्षेत्र में रोज भीषण जाम और हादसों का खतरा बना हुआ है.

7 साल में सिर्फ 7 रेलवे ब्लॉक

विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने मामले को उठाते हुए कहा कि 1.4 किलोमीटर लंबा, 56 पिलर वाला और लगभग 12 मीटर ऊंचा यह ओवरब्रिज 708 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है. 8 वर्षों में अब तक केवल 7 रेलवे ब्लॉक लगाए जा सके हैं, जबकि कुल 9 ब्लॉक प्रस्तावित थे. निर्माण एजेंसी और एनएचएआई की लापरवाही साफ दिख रही है.

ALSO READ: जेटेट परीक्षा में बड़ी लापरवाही: रांची और बोकारो के दो केंद्रों की परीक्षा रद्द

रोज 5000 वाहन, 100 ट्रेनें प्रभावित

उन्होंने बताया कि प्रतिदिन लगभग 5000 वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं तथा 100 से अधिक ट्रेनें पिटकी रेलवे गेट को पार करती हैं. ओवरब्रिज के अधूरे रहने के कारण चांडिल-घोरानेगी क्षेत्र में लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है. एम्बुलेंस फंस जाती हैं, स्कूली बच्चों और ऑफिस जाने वालों को घंटों इंतजार करना पड़ता है. रेलवे फाटक बंद होने से 5-5 किमी तक वाहनों की कतार लग जाती है.

कहां गया पैसा, जांच हो

राकेश रंजन महतो ने सवाल उठाया कि 708 करोड़ की परियोजना 4 साल देरी के बाद भी अधूरी क्यों है. इतनी बड़ी राशि के बाद भी काम कछुआ चाल से चल रहा है. गुणवत्ता से भी समझौता हुआ है. पिलर में दरारें दिख रही हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री और CBI से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि 3 महीने में काम शुरू नहीं हुआ तो NH-18 जाम कर अनिश्चितकालीन आंदोलन होगा. एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने कहा कि रेलवे से ब्लॉक मिलने में देरी हुई, जल्द काम पूरा होगा.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *