हजारीबाग के ग्रामीण क्षेत्र में ‘तरंग’ दे रही ग्रामीण प्रतिभाओं को नई उड़ान, IIT-JEE और NEET की तैयारी अब गांव के करीब

Hazaribagh : कभी बेहतर कोचिंग और मार्गदर्शन के लिए छात्रों को रांची, पटना, कोटा जैसे दूर-दराज़ शहरों का रुख करना पड़ता था,...

Hazaribagh : कभी बेहतर कोचिंग और मार्गदर्शन के लिए छात्रों को रांची, पटना, कोटा जैसे दूर-दराज़ शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब बड़कागांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल रहा है. एनएमएल पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना की ओर से शुरू की गई ‘तरंग’ पहल ग्रामीण युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है. लगभग दस माह पूर्व शुरू किए गए इस विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य परियोजना प्रभावित परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को IIT-JEE एवं NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना है. आज यह पहल केवल एक कोचिंग कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का सशक्त मंच बन चुकी है.

विशेषज्ञ शिक्षकों से मिल रहा मार्गदर्शन

‘तरंग’ कार्यक्रम के तहत दसवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को IIT-JEE और NEET की व्यवस्थित तैयारी कराई जा रही है. IIT-JEE के अभ्यर्थियों को IIT से शिक्षित अनुभवी शिक्षकों द्वारा पढ़ाया जा रहा है, जबकि मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी विषय विशेषज्ञ संकायों के मार्गदर्शन में कराई जा रही है. सिकरी साइट स्थित प्रशिक्षण केंद्र में विद्यार्थियों को आधुनिक कक्षाओं, अध्ययन सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप शैक्षणिक वातावरण की सुविधा प्रदान की गई है. इससे छात्रों को बड़े शहरों जैसी तैयारी का अनुभव स्थानीय स्तर पर ही मिल रहा है.

दूर शहरों की मजबूरी हुई कम

बड़कागांव और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से गुणवत्तापूर्ण कोचिंग संस्थानों का अभाव रहा है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चों को बड़े शहरों में भेजना आसान नहीं होता था. ऐसे में एनएमएल की यह पहल ग्रामीण परिवारों के लिए राहत लेकर आई है. अब विद्यार्थियों को घर से दूर जाकर महंगी कोचिंग लेने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है. इससे न केवल आर्थिक बोझ कम हुआ है, बल्कि अभिभावकों में भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर नया विश्वास पैदा हुआ है.

मॉक टेस्ट और मूल्यांकन से बढ़ रहा आत्मविश्वास

कार्यक्रम में शामिल छात्र नियमित रूप से मॉक टेस्ट, विषयवार मूल्यांकन और प्रतियोगी परीक्षा आधारित अध्ययन पद्धति के माध्यम से अपनी तैयारी को मजबूत कर रहे हैं. बीते दस महीनों में कई विद्यार्थियों ने अपनी शैक्षणिक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है. छात्रों का कहना है कि इस पहल ने उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया है. अब वे मेडिकल और इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर बनाने के लक्ष्य के साथ गंभीरता से आगे बढ़ रहे हैं.

शिक्षा से बदलेगा समाज का भविष्य : सुब्रत कुमार दास

इस पहल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए पकरी बरवाडीह एवं पीबी-नॉर्थ वेस्ट के प्रमुख सुब्रत कुमार दास ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव है. उनका कहना है कि कंपनी का उद्देश्य केवल कोचिंग उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को ऐसे अवसर प्रदान करना है, जिससे वे देश के श्रेष्ठ शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच सकें. उन्होंने कहा कि पिछले दस महीनों में विद्यार्थियों के भीतर विकसित हुआ आत्मविश्वास और सीखने की ललक इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि है. उन्हें विश्वास है कि आने वाले वर्षों में इसी पहल से निकलने वाले छात्र डॉक्टर, इंजीनियर और विभिन्न क्षेत्रों के सफल पेशेवर बनकर अपने परिवार, क्षेत्र और देश का नाम रोशन करेंगे.

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