Hazaribagh: पिछले कुछ दिनों से अचानक बदले मौसम ने जहां भीषण गर्मी से लोगों को राहत दी है, वहीं दूसरी ओर इस बदलाव ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. खासकर वैवाहिक कार्यक्रमों पर इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है. तेज आंधी, बारिश और तूफान के कारण कई गांवों में शादी के पंडाल धराशायी हो गए, जिससे खुशियों का माहौल पलभर में मातम और चिंता में बदल गया.
अचानक बदले मौसम ने मचाई अफरा-तफरी
दोपहर करीब 2 बजे ही मौसम ने ऐसा करवट लिया कि दिन में ही रात जैसा नजारा देखने को मिला. अचानक आसमान में घने काले बादल छा गए और कुछ ही मिनटों में चारों ओर अंधेरा छा गया. लोगों को दिन में ही लाइट जलानी पड़ी. तेज आंधी और गरज के साथ हुई बारिश ने माहौल को भयावह बना दिया, जिससे आमजन में दहशत का माहौल बन गया. सड़कों पर वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग अपने-अपने घरों में सुरक्षित रहने को मजबूर दिखे.
शादी समारोहों पर सबसे ज्यादा असर
इन दिनों शादी-विवाह का सीजन चल रहा है और हर पिता अपनी बेटी के विवाह को यादगार बनाने के लिए वर्षों से पाई-पाई जोड़कर तैयारी करता है. लेकिन अचानक आए इस तूफान ने कई परिवारों के अरमानों पर पानी फेर दिया. जिन घरों में बारात आने वाली थी, वहां अफरा-तफरी का माहौल है. सजे-धजे पंडाल गिर जाने से समारोह बाधित हो गए और परिवार के लोग परेशान होकर वैकल्पिक व्यवस्था में जुटे नजर आए.
जिले के कई गांवों से पंडाल गिरने, टेंट उड़ने और शादी समारोह में बाधा पहुंचने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था भी बाधित हुई, जिससे रात के कार्यक्रमों में और भी कठिनाई उत्पन्न हो गई.
बिजली कटौती ने बढ़ाई परेशानी
वहीं ऊपर से बिजली की समस्या ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है. हल्की आंधी या बारिश होते ही बिजली आपूर्ति बाधित हो जा रही है और कई इलाकों में घंटों कटौती की स्थिति बनी रहती है. स्थिति यह है कि मौसम खराब होने का अंदेशा होते ही लोग बिजली जाने की आशंका से पहले से परेशान रहने लगते हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सबकुछ जानते हुए भी बिजली विभाग लापरवाही बरत रहा है और समय पर आपूर्ति बहाल करने में गंभीरता नहीं दिखा रहा. शादी-ब्याह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर बिजली गुल रहने से लोगों को जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है.
जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में भारी नुकसान
वहीं, इस बारिश का असर गंभीर रूप से देखने को मिला. राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितताओं का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ा. जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई घरों और दुकानों में बारिश का पानी घुस गया, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. दुकानदारों का सामान भी भीगकर खराब हो गया है.
ग्रामीण इलाकों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है. कई जगहों से छप्पर उड़ने, कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने और खेतों में पानी भर जाने की खबरें मिल रही हैं. तेज हवा के साथ आई बारिश ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है, क्योंकि फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है.
प्रशासन से राहत की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाए और एनएच निर्माण में हुई लापरवाही की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए. साथ ही, मौसम के इस असामान्य बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की भी अपील की जा रही है.
