पुरुलिया रोड पर ट्रैफिक अव्यवस्था, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से जनजीवन प्रभावित

Ranchi: शहर की प्रमुख सड़क पुरुलिया रोड, जो शहर की लाइफलाइन मानी जाती है, आज बदइंतजामी का सबसे बड़ा उदाहरण बन चुकी...

Ranchi: शहर की प्रमुख सड़क पुरुलिया रोड, जो शहर की लाइफलाइन मानी जाती है, आज बदइंतजामी का सबसे बड़ा उदाहरण बन चुकी है. संत जेवियर्स कॉलेज और सदर हॉस्पिटल के सामने सड़क पर हालात ऐसे हैं, मानो नियम-कानून का कोई अस्तित्व ही नहीं. सड़क किनारे बेतरतीब खड़ी गाड़ियां, दोनों ओर फैले ठेले-खोमचे और बीच सड़क पर सवारियों का इंतजार करते ऑटो इस इलाके की पहचान बन गए हैं.

सुबह से शाम तक स्थायी जाम की स्थिति

यह इलाका अब लगभग पूरे दिन जाम की गिरफ्त में रहता है. सुबह ऑफिस समय से लेकर देर शाम तक गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहती हैं. एंबुलेंस तक जाम में फंस जाती है, लेकिन न ट्रैफिक पुलिस की सख्ती नजर आती है और न ही प्रशासन की ठोस कार्रवाई. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां जाम अब समस्या नहीं, बल्कि स्थायी स्थिति बन चुकी है.

अतिक्रमण हटाने में सिर्फ खानापूर्ति का आरोप

लोगों का आरोप है कि रांची नगर निगम केवल दिखावटी कार्रवाई करता है. कभी-कभार अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाता है, लेकिन वह सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाता है. कुछ दिनों बाद फिर वही स्थिति लौट आती है.

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ऑटो चालकों की मनमानी से बढ़ी परेशानी

पुरुलिया रोड पर ऑटो चालकों ने सड़क को ही स्टैंड बना लिया है. जहां मन हुआ, वहीं गाड़ी रोककर सवारी बैठाई जाती है. इससे ट्रैफिक पूरी तरह बाधित होता है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है.

अस्पताल के बाहर संवेदनहीन तस्वीर

सदर हॉस्पिटल के बाहर स्थिति और भी चिंताजनक है. अस्पताल परिसर में पार्किंग की व्यवस्था होने के बावजूद शुल्क वसूला जाता है. ऐसे में गरीब मरीज, जो मामूली फीस देकर इलाज कराने आते हैं, पार्किंग शुल्क देने में असमर्थ रहते हैं और मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़ा करते हैं. बाद में उन्हें अवैध पार्किंग के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है.

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

स्थानीय लोगों में इस स्थिति को लेकर भारी नाराजगी है. उनका कहना है कि जब तक प्रशासन स्थायी और प्रभावी समाधान नहीं करेगा, तब तक समस्या बनी रहेगी. सवाल यह है कि क्या आम जनता को राहत देना प्रशासन की प्राथमिकता में है या नहीं.

लोगों की मांग

स्थानीय लोगों ने स्पष्ट मांग रखी है कि फुटपाथ विक्रेताओं के लिए अलग वेंडिंग जोन बनाया जाए, सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई हो, ऑटो के लिए निर्धारित स्टैंड तय किए जाएं और अस्पताल में गरीबों के लिए मुफ्त या रियायती पार्किंग की व्यवस्था की जाए.

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