Ranchi: देश के लोकतांत्रिक इतिहास में आज( 4 अप्रैल) एक बड़ा दिन है. एक केंद्र शासित प्रदेश सहित पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों की घड़ी आ गई है. सोमवार सुबह से शुरू होने वाली वोटों की गिनती यह तय कर देगी कि जनता ने अगले पांच साल के लिए अपनी बागडोर किसके हाथों में सौंपी है. पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में किसकी लहर चली और किसका गणित फेल हुआ, इसकी तस्वीर कुछ ही घंटों में साफ हो जाएगी.
पश्चिम बंगाल: ममता की ‘हैट्रिक’ या बीजेपी का ‘कमल’?:
पश्चिम बंगाल में इस बार चुनावी जंग बेहद दिलचस्प और आक्रामक रही है. सूबे की 293 सीटों पर दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) में मतदान हुआ. इस बार बंगाल में आजादी के बाद का सबसे अधिक 92% से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया है, जो किसी बड़े बदलाव या सत्ता के प्रति भारी समर्थन का संकेत हो सकता है. सबकी नजरें भवानीपुर सीट पर टिकी हैं, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला है. टीएमसी जहां अपनी सत्ता बचाने और जीत का चौका लगाने की कोशिश में है, वहीं बीजेपी को बंगाल में पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने की उम्मीद है.
तमिलनाडु में स्टालिन का किला या विजय का ‘थलापति’ अवतार?
दक्षिण के इस महत्वपूर्ण राज्य की 234 सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले गए थे. यहां भी मतदाताओं ने 85.14% का रिकॉर्ड तोड़ मतदान किया है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (डीएमके) अपनी सत्ता बरकरार रखने के लिए आश्वस्त हैं, जबकि विपक्षी AIADMK (NDA गठबंधन) वापसी की राह देख रहा है. अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी TVK ने इस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाकर समीकरणों को उलझा दिया है.
असम में बीजेपी की ‘हैट्रिक’ की उम्मीद बनाम कांग्रेस की वापसी:
असम की 126 सीटों के लिए 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. यहां 85% से अधिक मतदान हुआ है. हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी जीत की हैट्रिक लगाने की कोशिश में है. कांग्रेस पिछले 10 सालों का सूखा खत्म कर सत्ता में वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा चुकी है.
केरल और पुडुचेरी:साख की लड़ाई:
– केरल और पुडुचेरी में भी सत्ता के भविष्य का फैसला आज ही होना है. केरल में (140 सीटें) नौ अप्रैल को हुए मतदान में 78.27% वोटिंग हुई. यहां पी. विजयन की अगुवाई वाली LDF सरकार फिर से सत्ता में आने का दावा कर रही है.
– पुडुचेरी (30 सीटें) केंद्र शासित प्रदेश में 89.97% मतदान हुआ है. यहां रंगास्वामी की अगुवाई वाले NDA गठबंधन की साख दांव पर है.
