Saraikela: जिले में नव पदस्थापित पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने जिले की कमान संभालने के बाद पहली जिला स्तरीय मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की. समाहरणालय सभागार में हुई बैठक में मासिक क्राइम रिव्यू के तहत सभी थाना प्रभारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक में सरायकेला एसडीपीओ संतोष कुमार मिश्रा, चांडिल एसडीपीओ अरविंद कुमार सिंह, प्रशिक्षु डीएसपी अजय कुमार सहित सभी इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी मौजूद रहे. एसपी ने नए आपराधिक कानूनों BNS, BNSS, BSA के अनुरूप टाइम-बाउंड इन्वेस्टिगेशन पर विशेष जोर देते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए.
15 दिन में क्राइम रिव्यू पूरा करने का लक्ष्य
अप्रैल की आगामी क्राइम मीटिंग की तैयारियों की समीक्षा करते हुए एसपी ने 15 मई 2026 तक सभी थानों का क्राइम रिव्यू पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया. उन्होंने कहा कि 6 महीने से ज्यादा पुराने केस किसी हाल में पेंडिंग नहीं रहने चाहिए. बैठक में नशा कारोबार और साइबर अपराध पर विशेष फोकस की रणनीति बनाई गई. एसपी ने सभी थानों को NDPS एक्ट में कार्रवाई तेज करने और साइबर हेल्प डेस्क को सक्रिय करने को कहा. जिले में बढ़ रहे ऑनलाइन ठगी के मामलों पर चिंता जताई.
हमारी प्राथमिकता पब्लिक फ्रेंडली पुलिसिंग- एसपी
अगले सप्ताह सभी थाना प्रभारियों के लिए फर्स्ट एड और ई-साक्ष्य (e-Sakshya) ऐप पर विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया. एसपी ने कहा कि नए कानूनों में डिजिटल साक्ष्य सबसे अहम हैं, इसलिए हर IO को e-Sakshya में दक्ष होना जरूरी है. हमारी प्राथमिकता पब्लिक फ्रेंडली पुलिसिंग है. लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन, नशा कारोबार पर अंकुश और साइबर अपराध पर रोक हमारी टॉप प्रायोरिटी है. नए कानूनों के तहत समयबद्ध जांच हो, पीड़ित को जल्द न्याय मिले, यह सुनिश्चित किया जाएगा. सभी थानेदार अपने क्षेत्र में विजिबल पुलिसिंग बढ़ाएं और जनता से संवाद करें. एसपी ने महिला व SC-ST अत्याचार के मामलों में 60 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल करने का सख्त निर्देश भी दिया.
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