Giridih: गिरिडीह जिले की उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला बाल संरक्षण इकाई के साथ संबंधित समीक्षा बैठक की. बैठक में उन्होंने विशेष रूप से स्पॉन्सरशिप योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
अनाथ बच्चों को दी जाती है हर महीने आर्थिक सहायता
डीडीसी ने कहा कि योजना के अंतर्गत चिन्हित सभी जरूरतमंद और पात्र बच्चों को समयबद्ध तरीके से लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अनाथ बच्चों को प्रति माह ₹4000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि उनके भरण-पोषण, शिक्षा और समग्र विकास में मदद मिल सके. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि लाभुकों की पहचान पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. साथ ही, क्षेत्र स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया, ताकि कोई भी पात्र बच्चा योजना से वंचित न रहे.
योजनाओं की भी की गई समीक्षा
बैठक के दौरान बाल कल्याण समिति, बाल देखभाल संस्थान, बाल श्रम उन्मूलन, बाल विवाह निषेध और बाल अधिकार संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई. डीडीसी ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए नियमित फील्ड निरीक्षण और जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी जरूरी है. बैठक में सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और जिला बाल संरक्षण इकाई के कर्मी मौजूद थे.
