Koderma: जिले के सतगावां थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीते एक महीने में हाथियों ने कई किसानों की फसलों, गरीबों की झोपड़ियों, मवेशियों सहित इंसानी जिंदगी तक को नुकसान पहुंचाया है. ताजा मामला सतगावां के कटैया गांव का है, जहां गुरुवार देर रात हाथियों के एक झुंड ने गांव में जमकर उत्पात मचाया, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ.
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम
इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह कटैया मोड़ पर सड़क जाम कर दी और वन विभाग सहित जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
घरों और मवेशियों को भारी नुकसान
मिली जानकारी के अनुसार, हाथियों ने गांव के कई घरों को निशाना बनाया. इस दौरान हाथियों के झुंड ने सर्जन प्रसाद यादव के मिट्टी के घर को पूरी तरह ढहा दिया. साथ ही घर में बंधे भैंस के बच्चे को भी मार डाला. इसके अलावा, हाथियों ने द्वारिक यादव के पशु शेड को तोड़ दिया, जिससे शेड में बंधा बकरी का बच्चा ईंटों के नीचे दबकर मर गया. हाथियों ने पंचायत भवन के गेट को भी काफी नुकसान पहुंचाया.
पहले भी हो चुकी है जानलेवा घटना
बताया जाता है कि करीब 15 दिन पहले ही हाथियों के झुंड ने कटैया गांव में एक युवक की जान ले ली थी. उस समय भी आक्रोशित ग्रामीणों ने कोडरमा-सतगावां मुख्य मार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था. उस दौरान डीएफओ, बीडीओ और सीओ सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और लोगों को समझाकर जाम हटवाया था.
आश्वासन के बावजूद नहीं मिली राहत
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने हाथियों को जल्द भगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक न तो हाथियों को हटाया गया और न ही उनके उत्पात पर कोई रोक लगाई गई. बार-बार हो रही घटनाओं के बावजूद वन विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
पुलिस ने समझाकर हटवाया जाम
सड़क जाम के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सौरभ कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर करीब दो घंटे बाद जाम हटवाया.
उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि हाथियों को भगाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जल्द नहीं किए गए, तो वे आगे और भी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
