Chaibasa: बंदगांव में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झाल्सा), रांची के निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम के मार्गदर्शन में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान पोंगड़ा गांव स्थित ईंट-भट्ठा में विशेष विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया, जहां श्रमिकों को उनके अधिकारों की जानकारी दी गई.
अधिकारों की दी गई जानकारी
शिविर में अधिकार मित्रों ने मजदूरों को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि किसी भी नियोक्ता द्वारा 8 घंटे से अधिक काम लेना नियम के खिलाफ है. यदि 8 घंटे से ज्यादा काम लिया जाता है, तो श्रमिक ओवरटाइम पाने का हकदार होता है.
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न्यूनतम वेतन और सुरक्षा पर जोर
श्रमिकों को बताया गया कि झारखंड सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन देना अनिवार्य है. इससे कम भुगतान करना कानूनन अपराध है. साथ ही हर श्रमिक को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में काम करने का अधिकार है. काम के दौरान दुर्घटना होने पर मुआवजे के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई.
शोषण के खिलाफ आवाज उठाने की अपील
अधिकार मित्रों ने कहा कि यदि किसी श्रमिक के साथ शोषण या भेदभाव होता है, तो उन्हें चुप नहीं रहना चाहिए. जिला विधिक सेवा प्राधिकार ऐसे मामलों में मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करता है.
आयोजन में इनका योगदान
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में अधिकार मित्र गंगाराम गागराई, अनीता बोदरा, राजेश कुमार नायक, जीदन मुंडू, मंजुला हमसाय और पिंकी बोदरा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
