Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश राजेश शंकर की अदालत ने नामकुम अंचल से गायब जमीन से जुड़े रिकॉर्ड के मामले को गंभीर मानते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को जांच का आदेश दिया है. यह मामला प्रार्थी साइमन साइरिल हांस की अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया.
म्यूटेशन की कॉपी नहीं देने पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि दूसरे पक्ष के पक्ष में किए गए म्यूटेशन की कॉपी मांगने पर अंचल कार्यालय बार-बार टालमटोल कर रहा था. प्रार्थी ने पहले भी इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसमें उनके पक्ष में फैसला आया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सर्टिफाइड कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई.
सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुई अदालत
अवमानना की सुनवाई के दौरान जब अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा, तो बताया गया कि म्यूटेशन से संबंधित कागजात कार्यालय से गायब हैं. इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी दफ्तर से जमीन से जुड़े रिकॉर्ड का गायब होना सामान्य बात नहीं है.
ACB को जांच के निर्देश
अदालत ने आशंका जताई कि कहीं अवैध तरीके से जमीन का ट्रांसफर तो नहीं किया गया है और इसी वजह से सर्टिफाइड कॉपी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है. कोर्ट ने पूरे मामले की जांच एसीबी को सौंपते हुए म्यूटेशन प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी की जांच करने का निर्देश दिया है.
