होमगार्ड बहाली में लगे आरोप, जांच के बाद 16 अभ्यर्थी बाहर, ग्रामीण क्षेत्रों की सूची पर उठे सवाल ​

Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला में होमगार्ड बहाली प्रक्रिया एक बार फिर विवादों के घेरे में है. झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन...

Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला में होमगार्ड बहाली प्रक्रिया एक बार फिर विवादों के घेरे में है. झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी ने बहाली प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है. इससे पहले हुई शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने शहरी क्षेत्र के होमगार्डों की मेधा सूची की जांच की थी. इस जांच में 16 अभ्यर्थियों के चयन में त्रुटियां पाई गईं. जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से मेधा सूची से बाहर कर दिया गया है.

क्या है आरोप
एसोसिएशन का आरोप है कि प्रशासन ने केवल शहरी क्षेत्र की सूची की आंशिक जांच कर खानापूर्ति कर दी है. जबकि ग्रामीण प्रखंडों की मेधा सूची की अभी तक समुचित समीक्षा नहीं की गई है. शिकायतकर्ता का दावा है कि जिस प्रकार शहरी सूची में गड़बड़ियां मिलीं ठीक वैसी ही विसंगतियां ग्रामीण क्षेत्रों की सूचियों में भी मौजूद हैं. अधिकारियों को भेजे गए पत्र में बहाली प्रक्रिया की पारदर्शिता पर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं. आरोप है कि चयन के दौरान रोल नंबरों के साथ छेड़छाड़ की गई.

असफल अभ्यर्थियों को उर्त्तीण दिखाया गया
आरोप है कि शारीरिक परीक्षा में असफल रहे कई अभ्यर्थियों को मेधा सूची में उत्तीर्ण दिखाया गया है. बहाली में होमगार्ड नियमावली की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया गया है. इस पूरे मामले में गृह सचिव, महानिदेशक (झारखंड गृह रक्षा वाहिनी) और चाईबासा जिले के डीसी से आग्रह किया है कि अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए भेजने से पहले सभी क्षेत्रों की मेधा सूची की सघन और निष्पक्ष जांच की जाए. उन्होंने मांग की है कि इस पूरी कार्यवाही की सूचना उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए ताकि चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे.

 

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