Ranchi : नगर निगम इन दिनों नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहा है. निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ियां बिना नंबर प्लेट के सड़कों में दौड़ते नजर आ रही है.
शहर में रोजाना दर्जनों ऐसी गाड़ियां देखी जा रही है. सवाल उठता है कि अगर इन गाड़ियों से कोई हादसा हो जाए तो जिम्मेदारी किसकी होगी. बिना नंबर प्लेट के वाहन की पहचान तक संभव नहीं होगी.
ट्रैफिक पुलिस की चुप्पी पर सवाल
हैरान करने वाली बात यह है कि ऐसी गाड़ियां धड़ल्ले से मुख्य सड़कों पर चल रही हैं. लेकिन ट्रैफिक पुलिस की नजर इन पर नहीं पड़ती. आम जनता की गाड़ियों की चेकिंग में सख्ती दिखाने वाली पुलिस इन सरकारी वाहनों पर आंखें मूंदे बैठी है. इससे दोहरे मापदंड का साफ संकेत मिलता है.
स्वच्छ सर्वेक्षण के दावों पर उठे सवाल
निगम के इस कार्यशैली से स्वच्छता सर्वेक्षण के दांवों पर भी सवाल उठ रहे है. निगम एक तरफ बेहतर रैंकिंग का सपना देख रहा है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी नियमों का पालन तक सुनिश्चित नहीं कर पा रहा. बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम का सीधा उल्लंघन है. लेकिन खुद निगम ही इसे नजरअंदाज कर रहा है.
जनता में आक्रोश
स्थानीय लोगों में इसको लेकर गहरा आक्रोश है. जनता का कहना है कि आम आदमी से हर नियम का पालन कराया जाता है. समय पर टैक्स वसूला जाता है. लेकिन बदले में न सुविधाएं मिलती हैं और न ही प्रशासन खुद नियमों का पालन करता है. लोगों का सीधा आरोप कि अगर आम आदमी बिना नंबर प्लेट गाड़ी चलाए तो चालान और जुर्माना तय है, लेकिन जब नगर निगम खुद कानून तोड़े तो कोई पूछने वाला नहीं. बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों से अगर कोई दुर्घटना होती है, तो पीड़ित के पास न्याय पाने का रास्ता लगभग बंद हो जाता है. न वाहन की पहचान होगी, न जिम्मेदार तय होगा।
तुरंत हो कार्रवाई, तय हो जवाबदेही
बिना नंबर प्लेट चल रही सभी नगर निगम वाहनों की तत्काल पहचान और रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया जाए
ट्रैफिक पुलिस ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई करे
जिम्मेदार अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय हो
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