Bokaro: बेरमो अनुमंडल अंतर्गत डीवीसी बोकारो थर्मल स्थित एडीएम भवन में विस्थापित प्रतिनिधियों और प्रबंधन के बीच एक संयुक्त बैठक संपन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता जीएम एचआर एए कुजूर ने की. बैठक में डीवीसी के वरीय मैनेजर एचआर पार्थ सारथी मुखर्जी, मैनेजर एचआर सुनील कुमार भी शामिल थे. इस दौरान विस्थापितों की समस्याओं, रोजगार की उपलब्धता और प्लांट में हो रहे कथित फर्जीवाड़े पर विस्तार से चर्चा की गई.
वास्तविक विस्थापितों को रोजगार देने पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए जीएम एचआर ने कहा कि डीवीसी प्रबंधन वास्तविक विस्थापितों को रोजगार देने के लिए पूरी तरह गंभीर है. उन्होंने विस्थापित प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील करते हुए बेरोजगार विस्थापितों की सूची उपलब्ध कराने को कहा. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती वास्तविक विस्थापितों की पहचान करना है, जिसके लिए ठोस प्रमाण पत्र और सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी ताकि कोई भी हकदार पीछे न छूटे.
फर्जी नियुक्तियों पर जताया विरोध
बैठक में उपस्थित विस्थापित प्रतिनिधियों ने प्रबंधन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से कई गैर विस्थापित लोग प्लांट में कार्यरत हैं. प्रतिनिधियों ने मांग की कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर तत्काल बाहर किया जाए.
स्थानीय लोगों को प्राथमिकता की मांग
प्रतिनिधियों ने कहा कि डीवीसी अस्पताल, कैंटीन और प्लांट के वार्षिक रखरखाव के ठेकों में केवल स्थानीय विस्थापितों को ही रखा जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में ठेका कार्यों में बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए.
आंदोलन की चेतावनी
बैठक में जितेंद्र यादव, के अंसारी, रीता देवी, वाजिद अंसारी, महबूब आलम, बालेश्वर यादव, बीएन महतो, मो तैयब, प्रफुल ठाकुर समेत दर्जनों विस्थापित प्रतिनिधि उपस्थित थे. प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही पात्र विस्थापितों को उनका हक नहीं मिला तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
