Hazaribagh: बरही प्रखंड परिसर स्थित पुराना पदमा प्रखंड कार्यालय अब पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है. भवन की हालत इतनी खराब है कि यह कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है, लेकिन प्रशासन अब भी चुप्पी साधे हुए है.
भवन की हालत बेहद खतरनाक
स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन के मुख्य पिलर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. छत और दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जिनसे आर-पार देखा जा सकता है. प्लास्टर झड़ चुका है और लोहे का जंग लगा ढांचा ही अब इसकी पहचान बन गया है. लोगों का कहना है कि तेज आंधी, बारिश या हल्के कंपन से भी यह भवन गिर सकता है.

सबसे चिंताजनक बात यह है कि खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके इस भवन का अब भी इस्तेमाल हो रहा है. बाहरी लोग इसे ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. शाम होते ही यहां नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है, जबकि दिन में आसपास के बच्चे इसके बरामदे में खेलते नजर आते हैं. ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
विधायक के निर्देश के बाद भी कार्रवाई नहीं
स्थानीय विधायक Manoj Kumar Yadav ने इस जर्जर भवन को हटाने के लिए बीडीओ और सीओ को स्पष्ट निर्देश दिए थे. इसके बावजूद महीनों बीत जाने के बाद भी न तो भवन को आधिकारिक रूप से कंडम घोषित किया गया और न ही इसे गिराने की प्रक्रिया शुरू की गई.
ग्रामीणों ने दी चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस भवन को जल्द से जल्द गिराया जाए. जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक भवन के सामने चेतावनी बोर्ड लगाया जाए, जिस पर स्पष्ट लिखा हो कि यह भवन बेहद खतरनाक है और इसमें प्रवेश वर्जित है.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन की लापरवाही के कारण कोई हादसा होता है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए.
नियम क्या कहते हैं
आपदा प्रबंधन कानून के तहत जर्जर और खतरनाक भवनों को चिन्हित कर नोटिस लगाना और उन्हें ध्वस्त करना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी होती है. लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का भी प्रावधान है.
ALSO READ: CCTV टेंडर में सिंडिकेट की सेंधमारी की आशंका ! बाबूलाल मरांडी का दावा, चहेती कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बदले गए नियम
