Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा की मौजूदगी में शनिवार को रांची व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया. इस मौके पर सिविल कोर्ट परिसर में कई नई सुविधाओं का लोकार्पण भी किया गया. कार्यक्रम के दौरान जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने सिविल कोर्ट में दीदी कैफे, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा, वलनेरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर, प्रोटेक्टेड विटनेस रूम तथा क्यू.आर. कोड जनरेटेड एप्लिकेशन सिस्टम का विधिवत उद्घाटन किया. उन्होंने परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का मुआयना भी किया और न्यायिक व्यवस्था में तकनीक के समावेश की सराहना की.
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प्री-लिटिगेशन मामलों के निपटारे पर विशेष जोर दिया गया
इस लोक अदालत में लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों के निपटारे पर विशेष जोर दिया गया और 47,397 लंबित मामलों का निपटारा किया गया. इसके साथ ही प्री-लिटिगेशन से जुड़े 8,32,365 वादों का भी निपटारा किया गया. 1,36,99,52,446.21 रुपए का समझौता भी किया गया. लोक अदालत में गीता सिंह को मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजे के रूप में 13,21,84,496 रुपए का चेक मिला. इसके अलावा अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने 36 पीड़ितों के बीच 20,06,40,672 रुपए की मुआवजा राशि के चेकों का वितरण किया गया. सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायायुक्त अनिल कमार मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए बताया कि इस आयोजन की सफलता के लिए जिला प्रशासन, बैंक और बीमा कंपनियों के साथ पहले ही समन्वय बैठकें की गई थीं. लोक अदालत के सुचारू संचालन के लिए न्यायिक दंडाधिकारियों की 40 बेंच और कार्यपालक दंडाधिकारियों की 20 बेंच का गठन किया गया था.
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