रांची : पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अपनी कमर कस ली है. जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में खनिजों की लूट रोकने और राजस्व बढ़ाने को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. वित्तीय वर्ष 2024-25 में 4702.48 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले केवल 59.85% (2814.45 करोड़ रुपये) की वसूली हुई. वहीं वर्तमान में 6644.13 करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य रखा है, जिसके विरुद्ध अब तक 3374.45 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं.
बंद लीज पर पैनी नजर
जिले में खदानों के संचालन को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. वर्तमान में लौह अयस्क की मात्र 06 और पत्थर की मात्र 02 से 03 खदानें ही सक्रिय हैं. बाकि 09 लौह अयस्क, 11 चूना पत्थर और कई पत्थर खदानें भी बंद पड़ी हैं विशेष रूप से मेसर्स सेल की खदानों में विस्फोटक सामग्री के सुरक्षित रखरखाव के लिए एसडीपीओ और जिला खनन पदाधिकारी को संयुक्त जांच का जिम्मा सौंपा गया है.

टास्क फोर्स ने अब तक 267 बार औचक निरीक्षण किया
टास्क फोर्स ने अब तक 267 बार औचक निरीक्षण किया जिसमें बालू, पत्थर और लौह अयस्क के अवैध परिवहन में शामिल 204 वाहनों की जब्ती कि गयी, अवैध गतिविधियों के खिलाफ 125 मुकदमे ( FIR ) दर्ज किए गए हैं और साथ ही जुर्माने के तौर अब तक कुल 22.31 लाख रुपये की वसूली हुई है, जबकि जब्त बालू की नीलामी से 16.10 लाख रुपये अतिरिक्त प्राप्त हुए हैं.
बालू संकट का समाधान: नए सिरे से होगी ई-नीलामी
जिले में विकास कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है. अब तक 07 बालू घाटों को समूहों में बांटकर पांच बार निविदा निकाली गई, लेकिन किसी भी बिडर ने रुचि नहीं दिखाई. इसे देखते हुए उपायुक्त ने अन्य जिलों के तर्ज पर अब प्रत्येक घाट की अलग-अलग नीलामी करने का निर्देश दिया है.
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