जारी प्रखंड के सुदूरवर्ती सकतार गांव तक पहुंचे उपायुक्त, ग्रामीणों से सीधा संवाद कर जानी जमीनी हकीकत

Gumla: गुमला डीसी अपने क्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम के तहत उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने जारी प्रखंड अंतर्गत मेराल पंचायत के सुदूरवर्ती एवं अंतिम...

Gumla DC
सकतार गांव का निरीक्षण करते उपायुक्त

Gumla: गुमला डीसी अपने क्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम के तहत उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने जारी प्रखंड अंतर्गत मेराल पंचायत के सुदूरवर्ती एवं अंतिम गांव सकतार के विभिन्न टोलों का व्यापक दौरा किया. इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन करना एवं ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझना रहा. भ्रमण के दौरान उपायुक्त सबसे पहले सकतार गांव के कुदर टोला पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं. बता दें कि सकतार में कुल 60 परिवार निवास करते हैं, जिनमें 26 परिवार विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) कोरबा समुदाय से संबंधित हैं.

पेयजल संकट प्राथमिक समस्या

ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पेयजल संकट को अपनी प्राथमिक समस्या के रूप में रखा. इस पर उपायुक्त ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को योजना तैयार करने का निर्देश दिया. साथ ही ग्रामीणों की मांग पर ममता वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया गया. पानी की समस्या के स्थायी समाधान हेतु उपायुक्त ने तालाब, कुआं एवं चुआ निर्माण के लिए उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन करने का निर्देश दिया, जिससे सिंचाई, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके.

वहीं, महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा मल्टी पर्पस कम्युनिटी (MPC) भवन की मांग रखी गई, जिस पर उपायुक्त ने प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र अग्रसारित करने का निर्देश दिया. महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने लाह की खेती एवं अन्य वैकल्पिक आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक, JSLPS को आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

आवास योजना के संबंध में ग्रामीणों द्वारा भुगतान में विलंब की शिकायत पर उपायुक्त ने शीघ्र भुगतान का आश्वासन दिया तथा जो पात्र लाभुक अब तक योजना से वंचित हैं, उन्हें चिन्हित कर जोड़ने के निर्देश दिए. विशेष रूप से कोरबा समुदाय के सभी पात्र परिवारों को आवास योजना से आच्छादित करने हेतु कड़े निर्देश दिए गए.

स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा के प्रति जागरूकता पर बल

सभा को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा के प्रति जागरूकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण नियमित रूप से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य जांच कराएं, आंगनबाड़ी केंद्रों का लाभ लें तथा कुपोषित बच्चों का उपचार सुनिश्चित करें. उन्होंने ममता वाहन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं पोषण पुनर्वास केंद्र (MTC) से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी साझा की.

उपायुक्त ने कहा कि “सकतार जैसे सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंचना हमारी प्राथमिकता है, ताकि योजनाओं की वास्तविक स्थिति को नजदीक से समझा जा सके. सरकार की योजनाएं तभी सार्थक हैं जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. आज यहां आकर हमने ग्रामीणों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से जाना है और उनका समाधान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. हमारा प्रयास है कि विकास का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद तक पहुंचे और गांव आत्मनिर्भर बने.”

उपायुक्त ने विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की

भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने पूरे गांव का निरीक्षण करते हुए आवास योजना, जलमीनार, विद्युत व्यवस्था सहित विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने आम बागान का भी निरीक्षण किया, उन्होंने सोलर आधारित सिंचाई प्रणाली को आम बागवानी क्षेत्रों में स्थापित करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को सिंचाई की सुगम सुविधा उपलब्ध हो सके और उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके.

उपायुक्त ने मेराल पंचायत भवन का किया उद्घाटन

आज उपायुक्त के जारी प्रखंड आगमन के अवसर पर उपायुक्त द्वारा मेराल पंचायत भवन का उद्घाटन किया गया. इसके उपरांत कोड़ी गांव एवं सीसी करम टोली में जल छाजन (वाटरशेड) कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई. ग्रामीणों द्वारा जंगली हाथियों के कारण खेती में हो रही कठिनाइयों की जानकारी देने पर उपायुक्त ने इसकी वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने हेतु संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया, उन्होंने जल संरक्षण एवं जल उपयोग आधारित खेती को बढ़ावा देने हेतु वाटरशेड समिति गठन के निर्देश दिए.

उपायुक्त ने जारी प्रखंड स्थित स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण

उपायुक्त ने जारी प्रखंड स्थित स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां एक जीएनएम के समय से पूर्व अनुपस्थित पाए जाने पर एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा ANM/GNM की समय पर उपस्थिति अनिवार्य है.

इसके अलावा प्रखंड कार्यालय का भी निरीक्षण किया गया, जहां सभी कर्मियों को समयपालन, कार्यालय में उपस्थिति एवं साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए. साथ ही जहां सोलर प्रणाली कार्यरत नहीं है, वहां उसकी शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया.

मौके पर अपर समाहर्ता गुमला, अनुमंडल पदाधिकारी चैनपुर, भूमि सुधार उप समाहर्ता चैनपुर, प्रखंड विकास पदाधिकारी जारी, अंचल अधिकारी जारी, जिला परिवहन पदाधिकारी गुमला, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, पंचायत मुखिया सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.

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