Dhanbad: पश्चिम एशिया में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव और ईंधन बचत की अपील के बीच कोयलांचल में ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) का दौर शुरू हो गया है. सोशल मीडिया पर तेल संकट की उड़ती अफवाहों ने लोगों की नींद उड़ा दी है, जिसका नतीजा यह है कि धनबाद-झरिया मार्ग समेत शहर के लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं.
अफवाहों का बाजार गर्म, डिब्बों में भरा जा रहा तेल
गुरुवार सुबह से ही जिले के पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा. लोगों को डर है कि आने वाले दिनों में तेल की आपूर्ति ठप हो जाएगी या कीमतें आसमान छू लेंगी. हालात यह हैं कि लोग गाड़ियों की टंकी फुल कराने के साथ-साथ गैलनों और प्लास्टिक के डिब्बों में भी तेल भरकर घर ले जा रहे हैं.

पंपों पर स्टॉक का संकट: 12,000 लीटर का टैंकर भी पड़ रहा कम
पंप कर्मचारियों ने बताया कि अचानक बढ़ी इस भीड़ ने स्टॉक प्रबंधन की कमर तोड़ दी है. औसतन एक पंप पर 12,000 से 20,000 लीटर का टैंकर कई दिनों तक चलता है. लेकिन भारी मांग के कारण स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है. कर्मचारियों का कहना है कि अगर भीड़ कम नहीं हुई, तो शहर के कई पंप जल्द ही ‘ड्राई’ (तेल खत्म) घोषित हो सकते हैं.
प्रमुख चिंताएं और प्रशासन से मांग
घंटों का इंतजार: दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और स्कूल बस संचालकों को तेल के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है.
कालाबाजारी की आशंका: पंप संचालकों को डर है कि डिब्बों में तेल ले जाने वाले लोग भविष्य में इसे ऊंचे दामों पर बेच सकते हैं.
सुरक्षा की मांग: संचालकों ने जिला प्रशासन से मांग की है, कि खुले कंटेनर में तेल की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पंपों पर पुलिस बल तैनात किया जाए.
