Ranchi: अगर आपने भी बिना नक्शा पास कराए घर बना लिया है, तो अब डरने या छिपने की जरूरत नहीं है. झारखंड सरकार ने राज्य के हजारों घर खरीदारों और मकान मालिकों को बड़ी राहत देते हुए ‘बिल्डिंग प्लान एप्रुवल मैनेजमेंट सिस्टम’ (बीपीएएमएस) पोर्टल का आगाज कर दिया है. नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार द्वारा शुरू की गई यह पहल उन लोगों के लिए संजीवनी’ है, जो अपने आशियाने को कानूनी वैधता दिलाना चाहते हैं.
इन संपत्तियों पर नहीं मिलेगी माफी
नियमों में सख्ती बरतते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन, जल निकायों (टैंक बेड), पार्किंग स्पेस और सीएनटी- एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर बनाई गई इमारतों को किसी भी कीमत पर वैध नहीं किया जाएगा. साथ ही, कोर्ट में लंबित विवादित संपत्तियों को भी इस राहत से बाहर रखा गया है.

नियमितीकरण के कड़े और स्पष्ट प्रावधान
- आकार और ऊंचाई: अधिकतम 300 वर्ग मीटर तक का क्षेत्रफल.
- बनावट: भवन जी प्लस टू तक होना चाहिए.
- ऊंचाई की सीमा: निर्माण की कुल ऊंचाई 10 मीटर से अधिक न हो.
- समय सीमा: आवेदन के लिए मात्र 60 दिनों का समय है, जिस पर अगले 6 महीने में अंतिम फैसला ले लिया जाएगा.
