प्रेम प्रसंग में युवती की हत्या करने वाले प्रेमी को उम्रकैद की सजा, नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 25 वर्ष की सजा

Ranchi : बोकारो की अदालत ने प्रेम प्रसंग से जुड़े हत्या के मामले में आरोपी तूफान मांझी को दोषी करार देते हुए...

Ranchi : बोकारो की अदालत ने प्रेम प्रसंग से जुड़े हत्या के मामले में आरोपी तूफान मांझी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. मामला पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के लेदा गांव का है, जहां आरोपी का गांव की ही एक युवती के साथ प्रेम संबंध था. इसी बीच युवती की शादी कहीं और तय हो गई थी. बताया गया कि आरोपी युवती के होने वाले पति पर शादी नहीं करने का दबाव बना रहा था. 30 सितंबर 2020 को आरोपी ने युवती को अपने घर बुलाया और उसके मोबाइल से वीडियो कॉल कर मंगेतर को आपत्तिजनक दृश्य दिखाया. इसके बाद युवती लापता हो गई थी. बाद में 3 अक्टूबर 2020 को आरोपी के घर के सामने स्थित कुएं से युवती का शव बरामद किया गया था. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था. सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उसे हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई.

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नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 25 साल की सजा

वहीं सरायकेला की अदालत ने पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी सिद्धार्थ किस्कू को दोषी करार देते हुए 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह की अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर चार महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. मामला सरायकेला महिला थाना क्षेत्र का है. पीड़िता के पिता ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था.

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शादी का झांसा देकर बनाया था शारीरिक संबंध

मामले के अनुसार, 15 दिसंबर 2024 को आरोपी सिद्धार्थ किस्कू ने नाबालिग को फोन कर घर से बाहर बुलाया और स्कूटी से दशमी पूजा दिखाने के बहाने दूसरे गांव ले गया. लौटने के दौरान आरोपी ने सुनसान जगह पर स्कूटी रोककर पीड़िता के साथ जबरदस्ती की. विरोध करने पर उसने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाया. बाद में पीड़िता को गम्हरिया बस स्टैंड के पास छोड़ दिया गया. चार दिन बाद पीड़िता ने पूरी घटना अपने परिवार को बताई, जिसके बाद महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. अब अदालत के फैसले के बाद पीड़िता के परिवार ने संतोष जताया है.

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