Ranchi: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के नए संकल्प के खिलाफ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने शुक्रवार को रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर उच्च शिक्षा को निजीकरण और कॉर्पोरेट मॉडल की ओर ले जाने का आरोप लगाया. संगठन ने कहा कि उनका विरोध केवल कॉलेज क्लस्टरिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि संकल्प के कई प्रावधान छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है. आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ ने कहा कि क्लस्टर व्यवस्था लागू होने से छात्रों को एक ही कॉलेज में सभी विषयों की पढ़ाई नहीं मिल पाएगी और उन्हें अलग-अलग संस्थानों में जाना पड़ेगा. इससे आर्थिक बोझ बढ़ेगा और कई छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर होंगे.
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छात्रों को निजी संस्थानों की ओर धकेला जा रहा
राज्य उपाध्यक्ष विजय कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों के पदों में कटौती कर रही है, जबकि छात्रों को निजी संस्थानों की ओर धकेला जा रहा है. राज्य सह सचिव संजना मेहता ने मल्टीपल एंट्री-एग्जिट व्यवस्था और सेल्फ-फाइनेंस कोर्स पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे शिक्षा महंगी होगी, लेकिन रोजगार की कोई गारंटी नहीं मिलेगी. वहीं अनुराग रॉय ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं और कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है. आइसा ने चेतावनी दी कि संकल्प वापस नहीं होने पर राज्यभर में बड़ा छात्र आंदोलन चलाया जाएगा.
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