Ranchi : झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने आगामी 2029 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का बड़ा ऐलान किया है. एक भावुक और बेबाक बयान में उन्होंने कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर और हाल के घटनाक्रमों के बाद उन्हें यह समझ आ गया है कि मुश्किल वक्त में ही असली अपनों की पहचान होती है. हालांकि, राजनीति में किसी भी संभावना से पूरी तरह इनकार न करते हुए उन्होंने यह भी जोड़ा, समय और परिस्थिति सबसे बलवान होती है. इसलिए कल क्या होगा, यह कहना फिलहाल मुश्किल है.
मैंने कभी किसी की दरबारी नहीं की
अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि उनका पूरा जीवन ईमानदारी और स्वाभिमान के साथ बीता है. उन्होंने गर्व से कहा कि उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी भी मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) या विधायक बनने के लिए किसी भी नेता की जी-हुजूरी या दरबारी नहीं की. जनता के समर्थन और अपनी मेहनत के बदौलत ही वे आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं.

न्यायपालिका पर पूरा भरोसा, अदालत से बरी होने के बाद देंगे जवाब
अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों और हालिया कानूनी अड़चनों पर खुलकर बात करते हुए आलमगीर आलम ने कहा मुझे देश की न्यायपालिका और कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. सत्य की जीत होगी. वहीं, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा उन पर दिए गए बयानों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि यह मरांडी जी की अपनी सोच है. वे इस मुद्दे पर अभी कोई ओछी राजनीति नहीं करना चाहते. जब वे अदालत से पूरी तरह बरी होकर बाहर आ जाएंगे, तब बाबूलाल मरांडी के हर सवाल का सिलसिलेवार ढंग से जवाब देंगे.
महागठबंधन में अनबन पर जल्द बनेगी रणनीति
झारखंड में महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) के घटक दलों के बीच चल रही अंदरूनी खींचतान और आपसी अनबन के सवालों पर पूर्व मंत्री ने स्थिति को संभालने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि वे जल्द ही पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ एक अहम बैठक करने जा रहे हैं. इस बैठक में वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों की पूरी समीक्षा की जाएगी और फीडबैक लेने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी.
आलमगीर आलम के इस बयान के बाद झारखंड के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है, और इसे भविष्य में कांग्रेस के भीतर बड़े फेरबदल के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
