Palamu:झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य सह पलामू जिला प्रवक्ता चंदन प्रकाश सिन्हा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि देश में होने वाली विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों के मास्टरमाइंड का संबंध प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा से ही होता है, जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है.
चंदन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि जो लोग पहले आरक्षण के आधार पर डॉक्टर बनने वालों पर टिप्पणियां करते थे, वे आज पैसे और पेपर लीक के दम पर अयोग्य लोगों को डॉक्टर बनाने के प्रयासों पर पूरी तरह मौन हैं.उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को अपने कार्यकर्ताओं के लिए पेपर लीक करने को कानूनी मान्यता दे देनी चाहिए, क्योंकि इनका मकसद बेरोजगार युवाओं को सड़क पर लाना और अपने लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाना है.

इस मामले में चुप्पी क्यों!
विज्ञप्ति में झारखंड के भाजपा नेताओं की दोहरी नीति पर भी निशाना साधा गया. प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि हर छोटी-बड़ी बात पर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने वाले बाबूलाल मरांडी और अक्सर बयानों में रहने वाले भानु प्रताप शाही जैसे नेता नीट परीक्षा और अन्य राज्यों में हुए पेपर लीक मामलों पर पूरी तरह चुप क्यों हैं. उन्होंने कहा कि जहां भाजपा की सरकार नहीं होती, वहां बिना किसी प्रमाण के भी परीक्षाओं के समाप्त होते ही भाजपा नेता तख्तियां लेकर सड़क पर उतर आते हैं और छात्रों के बीच जहर फैलाते हैं, लेकिन भाजपा शासित राज्यों में लगातार हो रहे पेपर लीक पर वे मौन साधे रहते हैं.
भाजपा साजिश रचती है ऑर फिर सहानभूति बटोरती है
JMMनेता ने एनटीए द्वारा पेपर लीक की बात स्वीकार किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि दो से तीन लाख रुपये में मेडिकल परीक्षा के प्रश्न पत्र बेचना देश के लाखों लोगों की जिंदगी के साथ सीधा खिलवाड़ है. यदि कोई अक्षम व्यक्ति इस तरह डॉक्टर बनता है, तो वह मरीजों के लिए जानलेवा साबित होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में भी भाजपा पहले पेपर लीक की साजिश रचती है और फिर सहानुभूति बटोरने के लिए उसे मुद्दा बनाती है, जो कि बेहद शर्मनाक और मानवता को ठेस पहुंचाने वाला है.
