Hazaribagh: शहर के मध्य स्थित खजांची तालाब (शांति तालाब) में डूबे न्यू एरिया निवासी युवक का शव आखिरकार शनिवार को पानी से बाहर निकाल लिया गया. इस दर्दनाक हादसे के बाद लगभग 19 घंटे तक शव तालाब में ही पड़ा रहा. शव मिलते ही घटनास्थल पर मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है.
लगभग 19 घंटे के लंबे इंतजार के बाद हुआ रेस्क्यू
घटना होने के तुरंत बाद ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई थी. रात भर स्थानीय स्तर पर खोजबीन की गई, लेकिन संसाधन और पेशेवर गोताखोरों की कमी के कारण सफलता नहीं मिली. शनिवार को जब शव को पानी से बाहर निकाला गया, तब जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ.

इतने लंबे समय तक शव न निकाले जाने को लेकर तालाब के पास जुटे परिजनों और स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया. लोगों का कहना था कि हजारीबाग जैसे कमिश्नरी मुख्यालय वाले जिले में रेस्क्यू के लिए बुनियादी संसाधनों का न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
नशे की हालत में नहाने के दौरान हुआ था हादसा
घटना के संबंध में बताया जाता है कि न्यू एरिया निवासी मृतक अपने एक साथी (जो शिवपुरी का रहने वाला है) के साथ खजांची तालाब में नहाने उतरा था.
दोनों युवकों को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे. इनमें से शिवपुरी निवासी युवक किसी तरह संघर्ष कर बाहर निकल आया और अपनी जान बचाई, जबकि उसका साथी पानी की गहराइयों में समा गया.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
शव बाहर आते ही मृतक के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. दोनों युवक पेशे से मजदूर थे और मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते थे. स्थानीय नागरिकों ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवार को उचित प्रशासनिक मुआवजा देने की मांग की है.
