EXCLUSIVE- गाजियाबाद जासूसी कांड: आतंकियों से जुड़े जासूस के खिलाफ NIA ने दाखिल की चार्जशीट, निशाने पर था देवघर का बाबा मंदिर

Ranchi: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को गाजियाबाद के बहुचर्चित पाकिस्तान-लिंक्ड जासूसी मामले में बड़ी कार्रवाई की है. एनआईए ने भारत...

Deoghar Temple
देवघर का बाबा मंदिर

Ranchi: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को गाजियाबाद के बहुचर्चित पाकिस्तान-लिंक्ड जासूसी मामले में बड़ी कार्रवाई की है. एनआईए ने भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को खतरे में डालने की साजिश रचने के आरोप में कानून का उल्लंघन करने वाले पांच किशोरों (JCLs) के खिलाफ गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश के बाल न्याय बोर्ड के समक्ष अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट दाखिल कर दी है. उल्लेखनीय हैं कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पकड़े गए पाकिस्तान के जासूसों से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे. गिरफ्तार हुए लड़के से पूछताछ में पता चला कि देवघर का मंदिर भी उनके निशाने पर था. पूछताछ में सामने आया कि बिहार के नौशाद को झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध बाबा मंदिर का वीडियो और जीपीएस लोकेशन जुटाने का टास्क दिया गया था.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला मार्च 2026 में गाजियाबाद की स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था. इस जासूसी रैकेट का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशनों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे लगाना था. इन कैमरों के जरिए पाकिस्तान में बैठे संदिग्ध आतंकवादियों को भारत के महत्वपूर्ण ठिकानों की लाइव एक्सेस दी जा रही थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में इसकी जांच एनआईए को सौंप दी गई थी. इस पूरे मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे

एनआईए की जांच में इन पांचों किशोरों को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं. इन किशोरों ने अवैध रूप से देश के बेहद महत्वपूर्ण और प्रतिबंधित/संवेदनशील क्षेत्रों में घुसपैठ की और वहां तक अपनी पहुंच बनाई. इन्होंने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर पाकिस्तानी आतंकियों को संवेदनशील प्रतिष्ठानों की तस्वीरें, वीडियो और उनके सटीक जीपीएस कोऑर्डिनेट्स भेजने में मदद की.

जासूसी कैमरों की इंस्टॉलेशन

इन किशोरों ने संवेदनशील जगहों पर जासूसी कैमरे लगाने और जियो-टैगिंग के साथ डेटा पाकिस्तान भेजने में सक्रिय भूमिका निभाई. इतना ही नहीं, इन किशोरों ने संदिग्ध पाक-लिंक्ड आतंकवादियों को भारतीय सिम कार्ड हासिल करने और उनका उपयोग करने में भी मदद की, ताकि वे भारतीय धरती पर अपनी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे सकें.

बाकी आरोपियों के खिलाफ जांच जारी

एनआईए के मुताबिक, इन पांचों किशोरों की इस साजिश के पीछे का मुख्य मकसद भारत की संप्रभुता, एकता, अखंडता और सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचाना था. एनआईए ने स्पष्ट किया है कि इस मामले (RC-01/2026/NIA/LKW) में गिरफ्तार किए गए बाकी आरोपियों और अन्य संदिग्धों के खिलाफ जांच अभी भी तेजी से चल रही है.

यह भी पढ़ें: हजारीबाग का ‘लैंड स्कैम’: 300 वर्गफीट की सरकारी लीज पर खड़ा कर दिया एक एकड़ का अवैध साम्राज्य!

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *