Hazaribagh : हजारीबाग की चरमराई व्यवस्था और विकास की कछुआ रफ्तार को लेकर आज स्वतंत्रता सेनानी के वंशज व जुझारू युवा समाजसेवी सच्चिदानंद पांडेय ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने एक ही दल (भाजपा) के पूर्व विधायक, वर्तमान सांसद और सदर विधायक पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन नेताओं ने धरातल पर जनहित का कोई कार्य नहीं किया है. हजारीबाग के विकास के रास्ते पर चलने के बजाय इन लोगों ने आपसी वर्चस्व के चक्कर में खेल के मैदान को ‘रणक्षेत्र’ में तब्दील कर दिया है, जिससे क्षेत्र का सम्मान घट रहा है.

नगर निगम की स्थिति पर जताई बड़ी आशंका
सच्चिदानंद पांडेय ने कहा कि नगर निगम मेयर, उपमेयर और नगर निगम आयुक्त का भी यही हाल है. शहर की बदहाली देखकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे हजारीबाग पर ‘शनिचरा ग्रह’ चढ़ गया हो और यहां एक बार फिर ‘अंजलि कुमारी’ जैसा पुराना प्रकरण दोहराया जाने वाला है. वर्तमान सांसद के कार्यकाल में अब तक जनहित का कोई बड़ा कार्य धरातल पर नहीं उतरा है, सड़क पर दिखाई दे रही सांसद और विधायक की आपसी लड़ाई से जनता का कोई सरोकार नहीं है; जनता सिर्फ विकास और जनहित के कार्य चाहती है.
प्रेस के माध्यम से समाजसेवी ने दागे 6 तीखे सवाल
युवा नेता सच्चिदानंद पांडेय ने हजारीबाग की जनता की ओर से सीधे सांसद से जवाब मांगते हुए निम्नलिखित सवाल खड़े किए हैं.
नगर निगम का विफलता
जब नगर निगम आपके हाथ में था, तब आपने शहर की सूरत बदलने के लिए क्या ठोस कदम उठाए?
पूर्ववर्ती सरकार में भूमिका
रघुवर दास के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के समय आप विधायक थे, उस दौरान हजारीबाग के लिए क्या कार्य किया गया?
दूसरे कार्यकाल का हिसाब
जनता ने आपको दोबारा विधायक चुना, तो हजारीबाग के विकास के नाम पर कौन सी बड़ी उपलब्धि हासिल की गई?
सांसद निधि पर सवाल
वर्तमान में सांसद रहते हुए सांसद फंड का उपयोग जनता के हित में क्यों नहीं किया जा रहा है?
जवाबदेही से भागने का आरोप
आज आप अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए राज्य सरकार पर ठीकरा फोड़ रहे हैं. अगर अपने कार्यकाल में कुछ किया होता, तो आज वर्तमान सरकार पर सवाल उठाना लाजमी होता.
मुद्दों पर दोहरा रवैया
आपने JPSC के मुद्दे पर तो सदन से सड़क तक आवाज उठाई, लेकिन NEET घोटाले पर देश और क्षेत्र के लाखों युवाओं के भविष्य के सवाल पर मुंह में टेप क्यों चिपका लिया?
रिंग रोड, हवाई अड्डा और रोजगार के मुद्दे पर घेरा
सच्चिदानंद पांडेय ने हजारीबाग की बुनियादी जरूरतों की उपेक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने पूछा कि केंद्र सरकार में प्रभावी भूमिका होने के बावजूद हजारीबाग का रिंग रोड अब तक क्यों नहीं बन सका? लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन को लेकर क्या प्रयास किए गए? उन्होंने इसके साथ ही प्रस्तावित अंतर्राज्यीय बस अड्डा की वर्तमान स्थिति, हवाई अड्डा निर्माण, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर भी सांसद की चुप्पी पर सवाल उठाया. उन्होंने अंत में कड़े शब्दों में कहा कि सांसद का काम जनता को केवल बरगलाना नहीं है, केंद्र सरकार के माध्यम से धरातल पर आने वाली ऐसी कोई नई योजना नहीं दिख रही है जो आपके प्रयासों से यहां आई हो, इन सभी सवालों का जवाब सांसद को हजारीबाग की जनता के बीच देना ही होगा.
